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जोधपुर में ट्रेन के किनारे चल रही मौत…. सफर की मजबूरी में जान हथेली पर लेकर कर रहे डैथ टूर

त्योहारी सीजन के चलते जोधपुर से चलने वाली ट्रेनों में डिब्बों पर लटककर यात्रा कर रहे रेलयात्री  
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जोधपुर

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Deenbandhu vashistha

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Updated: 1 Oct 2017, 7:04 PM IST

no security for passengers in trains of Jodhpur

no security for passengers in trains of Jodhpur

जाना भी मजबूरी और जान जोखिम में डालना भी। जोधपुर से चलने वाली रेलों के कुछ हालात ही ऐसे हैं। चलती ट्रेन में जब यात्री लटकते हुए यात्रा करते हैं तो लगता है कि मौत भी इनके किनारे-किनारे चल रही हो। डिब्बे के अंदर भरी भीड़ का हल्का सा भी धक्का बाहर लग जाए तो एक पल में कई परिवार के चिराग बुझा दें। लेकिन लापरवाह और मूक बना जोधपुर रेल मंडल एवं आरपीएफ के जवान मुंबई के एलफिन्स्टन रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ से भी सबक नहीं ले रहे हैं। त्योहार के चलते ट्रेनों में बढ़ रही भीड़ के लिए न तो जोधपुर रेल मंडल ने अलग से कोई डिब्बे लगाने की व्यवस्था की और न ही आरपीएफ के ट्रेनों में लटककर यात्रा करने वाले यात्रियों को रोकते। मुंबई में शुक्रवार को हुए हादसे में करीब 22 लोगों की मौत होने के बाद जब राजस्थान-पत्रिका टीम ने जोधपुर के मुख्य रेलवे स्टेशन सहित राईकाबाग स्टेशन के हालात देखे तो दृश्य सोचने पर विवश कर देने वाले थे।

डिब्बों में लगेज, नहीं चढ़ पाए यात्री


शहर के राईकाबाग रेलवे स्टेशन पर करीब 7 बजे रानीखेत एक्सप्रेस आई, जो दिल्ली के लिए जा रही थी। यहां रेल के सामान्य डिब्बों के अंदर पैर रखने को जगह नहीं थी। कुछ डिब्बों के गेट पर तो हालात ऐसे थे कि वहां चढऩा ही नामुमकिन था, क्योंकि लोगों ने अपना भारी-भरकम सामान ट्रेन के गेट पर रख रखा था। यहां जैसे ही ट्रेन रवाना हुई, कुछ लोग भागकर डिब्बे में जबरन घुसने का प्रयास करने लगे। इस दौरान एक दंपत्ति, जिनके साथ करीब डेढ़ साल का बच्चा था, वह भी बच्चे को अपने एक हाथ से पकड़कर चलती ट्रेन में चढ़े। हालांकि ये लोग अंदर घुस नहीं पाए, फिर भी मौत के सफर में साथ हो लिए।

यहां लगेज के डिब्बे में यात्रा


रानीखेत जैसे हालात ही मंडोर एक्सप्रेस में दिखे। अत्यधिक भीड़ के चलते सामान्य डिब्बे ठसाठस भरे थे। अंदर के हालात देखकर लग रहा था कि डिब्बे में इंसान नहीं सामान पटक रखा हो। ऊपर-नीचे, जहां जगह मिली, वहीं बैठकर यात्री, यात्रा कर रहे थे। गेट के हालात की बात करें तो करीब चार से पांच लोग ट्रेन के गेट के बाहर लटके थे। भीड़ के चलते ट्रेन में हालात ऐसे बने कि लोगों को लगेज के डिब्बे में शरण लेनी पड़ी, लेकिन इसमें भी भीड़ के चलते कुछ ही देर में लोग लटके नजर आए। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर खड़े आरपीएफ के जवान मूक दर्शक बने नजर आए।