
राज्य सरकार के आदेश पर वेतन में कटौती के विरोध व अन्य मांगों को लेकर पांच दिन से मैस का बहिष्कार करने वाले पुलिस के जवानों के सोलह अक्टूबर को सामूहिक अवकाश पर जाने की खबरों से पुलिस अधिकारी सकते में हैं। उधर, जोधपुर शहर व ग्रामीण के कांस्टेबल पांचवें दिन भी मैस के बहिष्कार पर रहे। इस दौरान पुलिस लाइन व थानों के मैस में सन्नाटा रहा।
सामूहिक अवकाश के संबंध में हालांकि अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया पर इन खबरों से पुलिस के आला अधिकारी हरकत में आ गए हैं। राज्य पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (प्रशासन कानून-व्यवस्था) एनआरके रेड्डी ने शुक्रवार को राज्य के सभी आईजी, पुलिस कमिश्नर, पुलिस अधीक्षक व पुलिस उपायुक्त को पत्र भेजकर जवानों से समझाइश करने के निर्देश दिए गए हैं। एडीजी रेड्डी ने ड्यूटी के दौरान वर्दी पर काली पट्टी बांधने को भी नियमों के खिलाफ बताते हुए विभागीय कार्यवाही को चेताया है।
सोशल मीडिया पर खबरों ने उड़ाई नींद
वेतन कटौती को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बावजूद राज्य सरकार पर कोई असर न होता देख सिपाहियों ने सोशल मीडिया पर एक संदेश वायरल किया है। जिसमें 16 अक्टूबर को सामूहिक अवकाश अथवा हड़ताल पर जाने का उल्लेख है। इससे पुलिस अधिकारियों की नींद उड़ गई है। एडीजी (प्रशासन कानून-व्यवस्था) रेड्डी ने आदेश जारी किया है कि ऐसे अवकाश को स्वीकृत नहीं किया जाए। साथ ही सिपाहियों को उकसाने वालों का पता लगाकर कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
शहर में एक हजार से अधिक कांस्टेबल
राज्य सरकार के वेतन कटौती संबंधी आदेश से जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट में एक हजार से अधिक कांस्टेबल प्रभावित हो रहे हैं। इनके साथ ही बेड़े के अन्य सिपाही भी मैस का बहिष्कार कर रहे हैं।
मैस में पसरा सन्नाटा
सरकारी आदेश के खिलाफ चल रहे विरोध के तहत 5वें दिन भी मैस का बहिष्कार रहा। सिपाहियों ने पुलिस लाइन ही नहीं, थानों में भी खाने का बहिष्कार किया। ऐसे में लगातार 5वें दिन भी मैस में सन्नाटा पसरा रहा।
Published on:
14 Oct 2017 11:35 am
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