
पूर्णिमा बोहरा जोधपुर .
प्रदेश की हवा जहरीली हो चली है। बढ़ते वायु प्रदूषण से सांस की बीमारियों के मरीज बेतहाशा बढ़ रहे हैं। राजस्थान सरकार व यूनिसेफ के आंकड़े इस सच्चाई को बयां कर रहे है। वायु गुणवत्ता श्रेणी के अनुसार भिवाड़ी में स्थिति सबसे खराब है। वहां की हवा तो स्वस्थ लोगों को प्रभावित कर रही है, जबकि जोधपुर दूसरे स्थान पर है। हाल यही रहे तो वह दिन दूर नहीं जब अस्थमा, फेफड़े व ह्रदय रोगियों का आंकड़ा ऊंचाइयां छू लेगा। बढ़ता प्रदूषण लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम कर रहा है। बड़ी बात तो यह है कि एेसी गंभीर स्थिति रही तो लोगो का घरों से बाहर निकलना दूभर हो जाएगा। खिड़की दरवाजे बंद कर लोग घरों में ही बैठे नजर आएंगे।
बढ़ रहा दिल का दौरा
प्रदूषण के कारण हवाओं में पाया जाने वाला प्रमुख प्रदूषक फेफड़ों व श्वांस नली में जमा हो जाते हैं। २.५ माइक्रोमीटर के कण से खतरा ज्यादा बना रहता है, क्योंकि कण इतना बारीक होता है कि यह शरीर के श्वसन प्रक्रिया को गंभीर रुप से प्रभावित करता है।
दिल के दौरे का यह मुख्य कारण बनता है। २.५ माइक्रोमीटर का कण बाल से भी कई गुना छोटा होता है। यह इतने छोटे व हल्के होते है कि भारी कणों की तुलना में हवा में ज्यादा समय तक रहते है। यह कण अस्थमा, दिल का दौरा, ब्रोंकाइटिस और अन्य श्वांस संबंधी बीमारियां बढ़ाते है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता घटती है।
भिवाड़ी की हवाओं में जहर ज्यादा
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण, राज्य सरकार व यूनिसेफ राजस्थान की ओर से हवा की गुणवत्ता की रियल टाइम इन्फोरमेशन के अनुसार भिवाड़ी की आबोहवा की स्थिति गंभीर है। यह क्षेत्र दिल्ली से नजदीक होने के कारण यहां हवाओं में जहर की मात्रा ज्यादा है। एेसे में स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में यह जहरीली हवा दुष्प्रभाव डाल रही है।
जोधपुर दूसरे स्थान पर
प्रदूषण के मामले में जोधपुर दूसरे स्थान पर है। बढ़ते वाहन, वाहनों का धुआं, औद्योगिक इकाईयां हवा के प्रदूषण का मुख्य कारण है। जयपुर की हवाएं भी प्रदूषण के कारण जहरीली हो रही है। वायू प्रदूषण में राज्य में तीसरे नम्बर पर जयपुर है। चौथे स्थान पर उदयपुर व पांचवें स्थान पर पाली है।
राज्य के मुख्य शहरों की वायु गुणवत्ता
(एयर क्वालिटी इनडेक्स)
शहर…… एक्यूआई…..स्थिति
भिवाड़ी……४०२…..गंभीर
जोधपुर…….३०७……..बहुत खराब
उदयपुर…..२१३…..खराब
जयपुर…..१७३…..मध्यम
पाली…..१६२……मध्यम
कोटा ……१३४……मध्यम
-अजमेर-११७-मध्यम
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जोधपुर की वायु गुणवत्ता सारणी
दिनांक….. एक्यूआई…. प्रमुख प्रदूषक (प्रोमिनेंट पॉल्यूटेंट)
२१ फरवरी……३२९……२.५
२० फरवरी……..३०८……२.५
़१९ फरवरी ……२६९……१०
१८ फरवरी …..२८०……१०
१७ फरवरी ……३०७……२.५
१६ फरवरी……३०६…..२.५
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वायु गुणवत्ता श्रेणी
सूचकांक…..श्रेणी…..प्रभाव
० से १००……….अच्छा…..न्यूनतम प्रभाव।
१०० से २००……मध्यम…..संवेदनशीन लोगों को सांस लेने में परेशानी।
२०० से ३०० …..खराब…….अस्थमा, फेफड़े और हृदय रोगों वाले लोगों को श्वांस लेने में असुविधा।
३०० से ४००…… बहुत खराब……फेफड़ों व हृदय पर प्रभाव से सांस की बीमारियां
४०० से ५००………गंभीर……. स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित करता है।
इनका कहना है
हवा में प्रदूषण का सीधा असर व्यक्ति के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। भिवाड़ी के बाद जोधपुर सबसे प्रदूषित शहर की श्रेणी में है। भिवाड़ी दिल्ली के करीब है, इसलिए स्थिति सबसे ज्यादा खराब है।
सचिन मौर्य, पर्यावरण अधिकारी, नगर निगम
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