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जोधपुर व्यवसायी हत्याकांड में शूटर हरेन्द्र ने किया है अब तक का सबसे चौंकाने वाला खुलासा

रंगदारी के लिए फायरिंग का मामला

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shooter Harendra accepted to shoot on Lawrence order

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रंगदारी वसूली के लिए शहर में गोलियां चलाकर दहशत फैलाने के आरोपी हरेन्द्र उर्फ हीरा जाट पंजाब के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई के इशारे पर वारदातें कर रहा था। उसकी मानें तो वह 'भाईजी' यानि लॉरेंस के कहने पर गोलियां चला रहा था। लॉरेंस ने ही उसे हथियार उपलब्ध करवाए थे। इसके बाद वसूली के लिए गोलियां चलाईं थी। साढ़े सात महीने तक पुलिस की आंख की किरकिरी बने हरेन्द्र ने गत दिनों गांधीनगर से पकड़ में आने के बाद पुलिस के समक्ष यह स्वीकार किया। फिलहाल वह ट्रैवल्स मालिक के मकान पर फायरिंग व मर्सडीज जलाने के मामले में शास्त्रीनगर थाने की रिमाण्ड पर है।

हर कुछ दिन बाद बदलता था मोबाइल


लूट व डकैती के मामलों में पकड़े जाने के बाद उसे जेल भेजा गया था, जहां उसकी मुलाकात लॉरेंस के गुर्गों से हुई थी। तब से वह लॉरेंस के प्रभाव में आ गया। जमानत पर बाहर आने के बाद वह लॉरेंस की गैंग में शामिल हो गया। कुछ स्थानीय युवकों के साथ मिलकर उसने मार्च में ट्रैवल्स मालिक व चिकित्सक के घर पर फायरिंग की थी। लॉरेंस के गुर्गों से ही वह विदेशी नम्बर से इंटरनेट कॉलिंग करने लगा था। इसके लिए वह न सिर्फ नम्बर, बल्कि मोबाइल सैट भी हर कुछ दिन बाद बदल देता था। इंटरनेट के लिए वह निजी मोबाइल कम्पनी का डोंगल काम ले रहा था। उसे पकड़कर लाने के बाद जोधपुर पुलिस का एक दल दुबारा गांधीनगर गया, जहां उसके छुपने के ठिकाने वाले फ्लैट से चार-पांच मोबाइल व डोंगल बरामद किए गए।

बीच रास्ते में कार से 'भागने' का प्रयास


दीपावली से ठीक एक दिन पहले 17 अक्टूबर की शाम पुलिस ने हरेन्द्र व लॉरेंस के भाई अनमोल को गांधीनगर से पकड़ा था। रात को ही उसे लेकर सड़क मार्ग से जोधपुर के लिए रवाना हो गए थे। जानकारी के अनुसार पाली जिले में प्रवेश करने पर हरेन्द्र ने 'भागने' का प्रयास किया, लेकिन पीछे एक अन्य कार में आ रहे पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया था। इस दौरान उसके हाथ व पांव में गम्भीर चोट आई थी।

बीकानेर आकर दिए थे हथियार


पुलिस के अनुसार हरेन्द्र से पूछताछ में साफ हो चुका है कि मोबाइल व्यवसायी की गोली मारकर हत्या करवाने में उसकी भी खासी भूमिका रही। भोमाराम तक हथियार पहुंचाने के लिए वह पंजाब से सितम्बर में बीकानेर आया था। वहां हथियार सौंपकर पंजाब लौट गया था।

अब केएम व काली की तलाश


लम्बे समय तक आंखी-मिचौनी खेलने वाले हरेन्द्र के साथ ही व्यवसायी वासुदेव इसरानी की हत्या करने के मुख्य आरोपी भोमाराम व अन्य आरोपी पकड़ में आ चुके हैं। अब पुलिस के लिए जिले के हार्डकोर अपराधी कैलाश मांजू (केएम) व लॉरेंस के गुर्गे काली राजपूत को पकडऩा शेष है।