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इस गांव के 571 वीर सपूत कर रहे मातृभूमि की सेवा, पाकिस्तान को दे चुके मुंहतोड़ जवाब

सेना में जाना मानो यहां की परम्परा बन गई है, जिसे निभाने के लिए युवा दिलों जान से जुटे रहते हैं। हर हाल में हर वर्ष सेना में चुने जाने का जुनून सालवा कलां को देश के अनगिनत गांवों से अलग कर देता है।

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Rajeev sharma

Jul 26, 2016

जोधपुर. जिले के सालवा कलां गांव के हर घर से एक न एक सपूत या तो मातृभूमि की सेवा कर रहा है या सेवा कर चुका है। इस गांव के तीन सपूतों की शहादत भी यहां के युवाओं में देशभक्ति का जज्बा फूंकती है।

जिले के इस अनूठे गांव में हर सुबह युवाओं की भीड़ पूरे जोश के साथ सेना में जाने के लिए मेहनत करती नजर आ जाती है। जिले का यह गांव वीर जवान देने के मामले में खास है। कई परिवारों की पीढिय़ां सेना में रही हैं।

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दादा भी सेना में, पिता भी और पोता भी। सेना में जाना मानो यहां की परम्परा बन गई है, जिसे निभाने के लिए युवा दिलों जान से जुटे रहते हैं। हर हाल में हर वर्ष सेना में चुने जाने का जुनून सालवा कलां को देश के अनगिनत गांवों से अलग कर देता है। यही वजह है कि इस गांव से 300 पूर्व सैनिक अपनी सेवाएं पूरी कर चुके हैं और 571 वीर भारतीय सेना, वायुसेना व नौसेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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