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वायरल ऑडियो : पीडि़त छात्र को ही पकड़कर थाने लाई पुलिस, पट्टे लगाए!

- पुलिस व छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष में वार्ता का ऑडियो वायरल

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वायरल ऑडियो : पीडि़त छात्र को ही पकड़कर थाने लाई पुलिस, पट्टे लगाए!

वायरल ऑडियो : पीडि़त छात्र को ही पकड़कर थाने लाई पुलिस, पट्टे लगाए!

जोधपुर।
जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के नए परिसर के छात्रावास में तोड़-फोड़ व छात्रों से मारपीट के मामले में गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस नेता व एनएसयूआइ पदाधिकारी व छात्र नेताओं ने जिले के प्रभारी मंत्री के मार्फत मुलाकात की। दूसरी तरफ, भगत की कोठी थाना पुलिस पीडि़त छात्र को ही पकड़कर थाने ले आई और कथित मारपीट की। इस संबंध में पुलिस व छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष का कथित ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया।
जिसमें पुलिस के दो अधिकारी शिकायतकर्ता छात्र को पकड़कर थाने लाने और पट्टे लगाने की बात कर रहे हैं। छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष को वार्डन से पीडि़त छात्र के खिलाफ ज्वलनशील पदार्थ रखने की एफआइआर दर्ज करने की सलाह दे रहे हैं।
आरोप : छात्र से मारपीट की, पुलिस का इनकार
छात्र नेताओं का आरोप है कि प्रभारी मंत्री से मिलने के कुछ ही देर बाद पुलिस जेएनवीयू नए परिसर के छात्रावास से छात्र अनिश ढाढिया को पकड़कर थाने ले गई। जबकि गत 18 मई को दर्ज एफआइआर में अनिश पीडि़त छात्र है। थाने में उसके साथ मारपीट की गई। पुलिस का कहना है कि वार्डन की शिकायत पर छात्र को थाने बुलाया गया था, लेकिन मारपीट नहीं की गई।
आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर है विवाद
दरअसल, विवि के नए परिसर स्थित छात्रावास में तोड़-फोड़ और छात्रों से मारपीट के संबंध में भगत की कोठी थाने में तीन और रातानाडा थाने में एक एफआइआर दर्ज है। एक एफआइआर परस्पर विरोधी भी दर्ज है। पुलिस अभी तक कोई कार्रवाई नहीं कर पाई है। कांग्रेस नेता व एनएसयूआइ पदाधिकारी और छात्र नेता शुक्रवार को जिले के प्रभारी मंत्री सुभाष गर्ग से मिले थे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी।
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आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने दबिश दी थी, लेकिन पकड़े नहीं जा सके। तस्दीक के लिए एक छात्र को थाने बुलाया था। उससे विवि के छात्र होने के संबंध में दस्तावेज जांचने थे। वह एक अन्य मामले में परिवादी है। वार्डन ने एफआइआर दर्ज नहीं कराई है। उससे कोई मारपीट नहीं की गई।'
सुनील चारण, थानाधिकारी, पुलिस स्टेशन भगत की कोठी।
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'गिरफ्तारी के लिए प्रभारी मंत्री से मिले थे, लेकिन पुलिस पीडि़त छात्र को ही पकड़कर थाने ले गई और मारपीट की। दूसरे छात्र थाने पहुंचे तो उसे छोड़ा गया। पुलिस व छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष के वायरल ऑडियो में स्पष्ट है कि पुलिस पीडि़त छात्र को थाने लाई व पट्टे मारे। वार्डन पर पीडि़त के खिलाफ ही ज्वलनशील पदार्थ रखने की एफआइआर दर्ज कराने का दबाव डाला गया।'
दिलीप चौधरी, जिलाध्यक्ष, एनएसयूआइ।