जोधपुर. ठाडे़ रहो बांके श्याम..अजहू न आए श्याम..। खूबसूरत और मखमली आवाज के साथ रागमाला सजी तो रसिक श्रोता अभिभूत हो उठे। ग्वालियर घराने की प्रतिष्ठित शास्त्रीय गायिका शोभा चौधरी ने रागो में सजा स्वर माधुर्य बिखेरा। शहर के लिए यह एक सुरमयी खूबसूरत और यादगार प्रोग्राम रहा। इस सुनहरी वेला में जानी मानी शास्त्रीय गायिका शोभा चौधरी ने सुरों की बेहतरीन शाम सजाई। उनके मखमली गायन से प्रमुख उद्योगपति व समाजसेवी सी एम अग्रवाल और समाजसेविका राधादेवी की यादें ताजा हो उठीं।
अभिभूत कर दिया
स्वर सुधा और मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट की साझा मेजबानी में स्वर सुधा के संस्थापक संरक्षक राधादेवी-सी एम अग्रवाल की याद में गणेशलाल व्यास सूचना केंद्र ऑडिटोरियम में स्वरांजलि कार्यक्रम सजा। कार्यक्रम में शास्त्रीय गायिका शोभा चौधरी ने गायन पेश कर अभिभूत कर दिया।
ठुमरी व दादरा की पेशकश
उन्होंने..ढूंढो बार-बार सैंया वन में छोटा सा यार.. राग नंद में बंदिश और विलंबित ख्याल में अजहू ना आए…पेश कर रंग जमाया। उसके बाद उन्होंने राग माला के 16 पदों की पेशकश से मन मोह लिया। वहीं कजरी, ठुमरी और झूला पेश कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। छोटा ख्याल, बड़ा ख्याल,रागमाला और खम्माज, ठुमरी व दादरा की पेशकश पर तो संगीत मर्मज्ञ झूम उठे।इस मौके पर मुख्य अतिथि पूर्व सांसद गजसिंह, हेमलता राजे ने दीप प्रज्वलन कर सरस्वती पूजन किया। महापौर घनश्याम ओझा विशिष्ट अतिथि थे।
अतिथियों का स्वागत किया
अतिथियों का संयोजक अरुण अग्रवाल व रवि अग्रवाल ने स्वागत किया। कलाकारों का राधिका और वेदिका ने स्वागत किया। गौतम अपर्णा अबानी, रुशिल अग्रवाल, रजनीश अग्रवाल व अनिता अग्रवाल ने गणमान्य श्रोताओं की अगवानी की। अंत में भैरवी में भजन पेश कर समापन किया। शोभा चौधरी के साथ हारमोनियम पर अनूप राजपुरोहित, तबले पर संगीता अग्निहोत्री और तानपुरे पर सुरेंद्रसिंह व सुभाष चौधरी ने संगत की। स्वर सुधा की अध्यक्ष चंद्रा बूब, सचिव विवेक कल्ला और राजन पंवार ने स्वागत किया व आभार जताया। संचालन अनुराधा आडवाणी ने किया।