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जोधपुर . शहर में इन दिनों अघोषित जल संकट गहराया हुआ है। फिल्टर हाउस की सफाई के नाम पर जलापूर्ति पूरी तरह से गड़बड़ाई हुई है। इधर, शहर में पानी के निजी टैंकरों के दाम दुगुने हो गए हैं, जहां पानी के टैंकर से तीन सौ रुपए में जलापूर्ति होती थी, वह अब चार सौ से छह सौ रुपए तक पहुंच गई है। इससे शहरवासियों के हाल बुरे हो गए हैं। हर इलाके में कम दबाव से जलापूर्ति की शिकायतें आ रही हैं।कहीं विभाग पानी तो नहीं रोक रहा जलदाय विभाग की जल वितरण व्यवस्थाओं में खामियों और जलापूर्ति में कंजूसी के कारण पूरे में शहर में जलापूर्ति सिस्टम गड़बड़ाया गया है।
त्योहारी सीजन में लोग घरों की सफाई व अन्य कार्य करते हैं। एेसे में पानी की जरूरत रहती है। इस बीच जलदाय विभाग ने अचानक जलापूर्ति कम कर दी है। इससे हर इलाके में संकट है। हर इलाके से शिकायतें पहुंच रही हैं, लेकिन विभाग गंभीरता से नहीं ले रहा है। इस अघोषित जल संकट का फायदा उठाते हुए पानी के टैंकर चालकों की चांदी हो रही है। कई इलाकों में बुधवार को भी हालात नहीं सुधरे। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, झालामण्ड, रातानाडा, भीतरी शहर, मंडोर, लालसागर, डिगाड़ी, नांदड़ी, माता का थान, मगरा पंूजला व मसूरिया में खासी दिक्कतें पेश आ रही हैं।
१२ एमसीएफटी फीट जलापूर्ति
शहर के हर इलाके में एक दिन छोड़ कर डेढ़ से दो घंटे तक जलापूर्ति का सिस्टम बना रखा है। शहर में कायलाना व तखतसागर से रोजाना १२ एमसीएफटी जलापूर्ति की जा रही है। फिल्टर हाउस की सफाई के कारण जलापूर्ति बंद थी, अब ठीक कर दी गई है। पानी की कमी नहीं है। त्योहार पर पूरी जलापूर्ति होगी।
कैलाश रामदेव, अधीक्षण अभियंता (शहर), जलदाय विभाग
देवलिया में एक सप्ताह से पानी नहीं
बनाड़ क्षेत्र के देवलिया गांव में पिछले सात दिनों से पानी नहीं आ रहा है। जीएलआर खाली पड़ा है, डेढ़ सौ घरों की बस्ती वाले इस गांव में ग्रामीणों व मवेशियों के लिए पीने का पानी भी नहीं है। ग्रामीणों ने गत दिनों बनाड़ में हुई जनसुनवाई के दौरान भी मामला उठाया था, लेकिन राज्यमंत्री ने केवल आश्वासन दिया। इसके बावजूद यहां समस्या हल नहीं हुई। अब ग्रामीण आंदोलन करने की चेतावनी दे रहे हैं। ग्रामीण रूपसिंह, गजेसिंह, बींजाराम मेघवाल, शिवसिंह व जगदीश सहित अन्य ने बताया कि गांव में पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो रही है। इस कारण जीएलआर खाली पड़ा हुआ है। वहीं मवेशियों के लिए बना हौद भी खाली पड़ा हुआ है। जब भी जीएलआर में पानी आता है तो अवैध टैंकर चालक जलदाय विभाग के कर्मचारियों के साथ मिल कर जीएलआर से टैंकर भर लेते हैं। एेसे में पानी नहीं बचता। इसकी शिकायत जनसुनवाई और जलदाय विभाग के अधिकारियों से की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। पिछले सात दिनों से बुरे हाल हैं।
Published on:
29 Sept 2017 03:47 pm

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