16 जुलाई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

World No Tobacco Day: 19 साल में मौत की तरफ बढ़ रहे थे इतने हजार लोग, तभी हुआ कुछ ऐसा…

शहर के मथुरादास माथुर अस्पताल के रेडियोथैरिपी विभाग में आने वाले कैंसर मरीजों में से 70 प्रतिशत ऐसे होते है जो तंबाकू की वजह से इस बीमारी की चपेट में आते है।
2 min read
Google source verification
world_no_tobacco_day.jpg

World No Tobacco Day कैंसर को लेकर डराने वाले आंकड़े बहुत हैं। देश भर में कैंसर हर साल तेरह लाख से अधिक मौतें होती हैं। जोधपुर के एम्स (Jodhpur AIIMS) में डॉक्टरों ने बीते साल 800 कैंसर पीडि़तों की सर्जरी की। ये आंकड़े हैं, जो डराते हैं कि हालात कितने गंभीर हैं। लेकिन इस डर को हराने भी अपने अलग आंकड़े हैं। ये बताते हैं कि अपने मन और इच्छाशक्ति के दम इस जानलेवा बीमारी (World No Tobacco Day) के चंगुल से बच भी सकते हैं। शहर के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक सैंकड़ों को लोगों को बीमारी के रास्ते से निकाल कर उजले जीवन की राह भी दिखा रहे हैं।

ग्लैमर की चाह, कर रही तबाह

अधिकतर मामलों में सामने आया है कि छोटी उम्र में युवा सिर्फ ग्लैमर और स्टेटस सिंबल के चक्कर में तम्बाकू की लत में फंसते हैं। के.एन.अस्पताल की ओपीडी में आ रहे लत के शिकार लोगों में महज 14 से 15 वर्ष की उम्र के युवाओं की संख्या अधिक है।


सबसे बड़ा दुश्मन है तंबाकू

शहर के मथुरादास माथुर अस्पताल के रेडियोथैरिपी विभाग में आने वाले कैंसर मरीजों में से 70 प्रतिशत ऐसे होते है जो तंबाकू की वजह से इस बीमारी की चपेट में आते है। इन मरीजों में युवाओं की संख्या करीब 40 प्रतिशत तक सामने आई है।


हर साल लाखों को लील रहा ये जहर

विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक अनुमान के अनुसार तंबाकू के कारण प्रति वर्ष दुनिया में 60 लाख और हिन्दुस्तान में 13.5 लाख लोगों की मौत हो जाती है। इस आंकड़े के अनुसार इसी कोरोना काल में 20 लाख से ज्यादा लोगों की मौत तंबाकू के कारण हो चुकी है।


नई राह खोजने हर दिन आते 5 से 10 मरीज

डॉ सम्पूर्णानंद मेडिकल कॉलेज के अधीन केएन चेस्ट अस्पताल में बीते 19 साल में डॉक्टर महज काउंसलिंग के जरिए 22 हजार से अधिक लोगों की तम्बाकू और धूम्रपान की लत छुड़ा चुके हैं। मजबूत इच्छा शक्ति के दम पर लोग इसे छोड़ भी रहे हैं। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 5 से 10 लोग धूम्रपान की समस्या लेकर आते हैं।


शुरुआत में हमें लगा कि काउंसलिंग का लोग गलत अर्थ निकालेंगे, लेकिन जैसे-जैसे सकारात्मक परिणाम आए, हमने धूम्रपान छुड़ाने के लिए काउंसलिंग को ही मजबूत टूल के रूप में इस्तेमाल किया। अब तक 22 हजार को धूम्रपान छुड़ा चुके हैं।

- डॉ. सीआर चौधरी, अधीक्षक, केएन चेस्ट अस्पताल जोधपुर

बड़ी खबरें

View All

जोधपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग