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खुद को खुद से कनेक्ट करना सिखाता है योग, देखिएं कैसे…

जीवन शैली में अपना रहे हैं लोग

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बासनी (जोधपुर). जिंदगी की भागमभाग और समय की रफ्तार के दौड़ते पहिए को संतुलित करने की धुरी का काम करने वाले योग व प्राणायाम को बीते कुछ दशकों में हमने भले ही भुला दिया था लेकिन आज यही योग फिर से लोगों की लाइफ स्टाइल को बदल रहा है। योग व प्राणायाम अब महज ट्रेंड न होकर लोगों की जीवन शैली को संयमित करने का माध्यम बन रहा है। शारीरिक मजबूती के साथ ही योग व प्राणायाम के माध्यम से लोग आध्यात्म को जोड़कर जीवन जीने का सलीखा सीख रहे हैं। जोधपुर के चौपासनी रोड स्थित स्वास्थ्य साधना केन्द्र में योग गुरु सुनील शर्मा के निर्देशन में अंजना तापडिय़ा के सहयोग से नियमित योग व प्राणायाम करने वाले लोगों ने पत्रिका के साथ अपने जीवन में आए बदलाव साझा किए।

मुझे घुटने व कमर दर्द की परेशानी होती थी। करीब महिना भर योग व प्राणायाम करने से मेरे घुटने व कमर का दर्द खत्म हो गया है। अब मुझे इस प्रकार की कोई तकलीफ नहीं है। मैं सीढिय़ां आराम से चढ़ व उतर सकता हूं- अशोक जैन।

मैने शुरु में वजन कम करने के लिए योग करना शुरु किया था। धीरे-धीरे प्राणायाम करना सीखा तब पता चला कि योग मात्र शारीरिक व्यायाम न होकर जीवन शैली है। इससे सांसों पर संतुलन के साथ आत्मबल व भीतरी ऊर्जा का संचार बढ़ता है- रानू।

मैं कई सालों से योग कर रही हूं। हर मां की तरह मेरे लिए घर पर बच्चों को शांत रहकर संभालना कठिन होता था। गृहणियों पर घरेलू कामकाज के साथ अन्य कई प्रकार के पारिवारिक दबाव होते हैं। प्राणायाम के माध्यम से इनमें सहायता मिलती है- नेहा बेन।


पेशे से मैं एक डॉक्टर हूं। एक डॉक्टर के लिए यह जरूरी होता है कि वह अपने पेशे में संयम से काम ले। मुझे ध्यान केन्द्रित करने में परेशानी होती थी। मैने कुछ दिन पहले ही प्राणायाम सीखना शुरु किया है। इससे मुझे ध्यान केन्द्रित करने में सुधार महसूस हो रहा है- डॉ. प्रियंका।

पहले केवल योग के बारे में सुन रखा था लेकिन जब से योग करना शुरु किया तब इसके कई प्रकारों के साथ ही इसके फायदों के बारे में जानकारी मिली। योग से जहां शारीरिक कमजोरियां दूर होती है, वहीं प्राणायाम जीवन जीने की सही दिशा प्रदान करता है- उषा परिहार

योग की अनेक विधाओं से शारीरिक दर्द को नियंत्रित कर काबू पाया जा सकता है। दिन के 24 में से एक घंटा भी यदि नियमित प्राणायाम किया जाए तो बाकि के 23 घण्टे आनंनदायी निकलते हैं। इससे मिलने वाली ऊर्जा से दिन भर होने वाले मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है- महक।

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