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ये क्या! कलक्ट्रेट, कोर्ट, एसपी ऑफिस के आस-पास ही सुलग रहे बीड़ी-सिगरेट

सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पाबंदी के लिए सख्त नियम तो है लेकिन हालात यह है कि जिला न्यायालय, कलेक्ट्रेट  और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के आसपास ही हॉटल, चाय दुकान व पान ठेले में धूम्रपान करते दिखाई देते हैं

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deepak dilliwar

Dec 16, 2016

smoking

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कवर्धा. सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पाबंदी के लिए सख्त नियम तो है, लेकिन इसका पालन होता दिखाई देता है और न ही कार्रवाई। हालात यह है कि जिला न्यायालय, कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के आसपास ही हॉटल, चाय दुकान व पान ठेले में धूम्रपान करते दिखाई देते हैं।

नगर के साथ-साथ जिले में भी रोजाना हजारों लोग सार्वजनिक स्थानों पर धुएं के छल्ले उड़ाकर निमयों को बूझा रहे हैं, लेकिन जिला व पुलिस प्रशासन द्वारा इस पर आज तक कार्रवाई नहीं की। कार्रवाई केवल शराब तक सीमट चुकी है। जिला मुख्यालय कवर्धा की बात की जाए तो कलेक्ट्रेट, जिला न्यायालय, जिला अस्पताल, तहसील, अनुविभागीय अधिकारी और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के आसपास ही बड़ी संख्या में हॉटल व चाय दुकान मौजूद हैं, जहां सुबह से देर रात तक लोग सिगरेट सुलगाकर अन्य लोगों को भी बीमार करने पर तुले हैं। साथ ही निमयों का पालन भी नहीं कर रहे। इसमें प्रशासन की भी सुस्त नजर आ रही है। बस स्टैण्ड, चाय दुकान, होटल, पार्क, ढाबा आदि स्थानों पर लोग इसलिए बेफिक्र होकर बीड़ी-सिगरेट पीते है क्योंकि उनको धूम्रपान करने से रोकने वाले कोई नहीं है। जिस तरह यातायात नियमों के तहत अभी जिलेभर में लगातार कार्रवाई हो रही है वही कार्रवाई इसके लिए भी आवश्यक है।

कार्रवाई का प्रावधान भी
केन्द्र सरकार ने 2 अक्टूबर 2008 से सार्वजनिक स्थानों में धूम्रपान पर प्रतिबंध लगाने नियमों को प्रभावशील किया है। इस कानून का पालन नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई का भी प्रावधान है। इस धारा का उल्लंघन करने पर एक व्यक्ति से एक बार 200 रुपए हर्जाना वसूला जाना है। इसके बाद एक ही व्यक्ति को दोबारा पकड़ा जाता है तो हर्जाने की राशि बढ़ती चली जाएगी।

सूचनात्मक बोर्ड भी जरूरी
जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन द्वारा धूम्रपान कानून व नियम के बारे में कभी प्रचार-प्रसार ही नहीं किया गया। जिले में किसी भी सार्वजनिक स्थानों पर नो स्मोकिंग, धूम्रपान करना मना है, सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करना दंडनीय अपराध है जैसे स्लोगन के बोर्ड ही नहीं लगे हैं जबकि बोर्ड लगाए जाने के निर्देश हैं।