पिता तुलाराम ने बताया कि राजेश मानसिक रूप से नि:शक्त है, जिसके ईजाल कराने वह सक्षम नहीं है। वह शिविर में मदद के लिए कई बार जिला मुख्यालय की दौड़ लगा चुके हैं, लेकिन शिविर में केवल टाईसिकल ही मिल पाया। बाकि अपने रोजी मजदूरी का पैसा खर्च कर ईलाज कराना चाहा, लेकिन इसके लिए बड़ी राशि की आवश्यकता सुनकर कुछ नहीं कर पाए। पैसा की कमी के कारण अच्छा ईलाज नहीं हो पाया। शासन प्रशासन से मद्द की उम्मीद भी है।