2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका कल्याण संघ ने किया अनिश्चितकालीन हड़ताल

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 18 हजार रुपए वेतन देने समेत दूसरे लंबित पड़े मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका कल्याण संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कांकेर

•

image

Deepak Sahu

•

Updated: 14 Apr 2018, 1:13 PM IST

workers strike

दुर्गूकोंदल. चारामा विकासखंड में अटैच शिक्षाकर्मियों को मूल शालाओं में दुर्गूकोंदल भेजने के लिए जिला कलक्टर और चारामा विकासखंड के सीईओ ने आदेश जारी किया है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के आदेश के बावजूद खेमन सिन्हा, ममता साहू, द्वारिका प्रसाद यादव, निर्मला ध्रुव अधिकारियों के आदेश की अवहेलना करते हुए दुर्गूकोंदल विकासखंड के मूल शालाओं में नहीं लौटे हैं। बहुजन समाजवादी पार्टी के विधानसभा प्रभारी कमल सिंह कोर्राम ने कहा कि भाजपा सरकार के राज में छत्तीसगढ़ के अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षक नियंत्रण में नहीं हैं।

सभी लोग मनमर्जी से कार्य करते हैं, कलक्टर जिलाभर के मुखिया हैं। सीईओ भी जनपद पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी हैं। इनके आदेश होते ही शिक्षाकर्मियों को मूलशाला में वापस होना चाहिए, भाजपा सरकार में ठोस नियम कायदा नहीं होने से शिक्षाकर्मी भी मनमर्जी से कार्य करते हुए अधिकारी के आदेश को खुलेआम ठेंगा दिखा रहे हैं। इससे जाहिर हो रहा है कि भाजपा के राज में अधिकारी, कर्मचारी, गुरुजी बेलगाम हो गए है। इसलिए सामान्य शिक्षकर्मी भी मनमर्जी से जिले में कहीं भी अटैच करवा लेते हैं और अफसरों की नहीं सुनते हैं।

वहीं भाजयुमो महामंत्री सोमल जैन ने कहा कि शिक्षाकर्मी दुर्गूकोंदल के स्कूलों में नियुक्त हुए हैं, दुर्गूकोंदल विकासखंड के शिक्षकों के कर्मी से जूझ रहे स्कूलों में अटैच होना चाहिए, लेकिन दूसरे विकासखंड के स्कूलों में अटैच होना मतलब सुख सुविधा युक्त स्थान में जाने इच्छा को उजागर कर रही है, ऐसे मामले को जांच कर पहुंच की धौंस दिखाकर मनमर्जी से अटैच करवाकर अधिकारी के आदेश की अवहेलना करने वाले शिक्षाकर्मियों को तत्काल सस्पेंड करने की मांग की है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 18 हजार रुपए वेतन देने समेत दूसरे लंबित पड़े मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका कल्याण संघ ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पिछले कई दिनो से बैठे है। संघ का कहना है कि वरिष्ठता के आधार पर मानदेय दिया जाए और 8 घंटे काम करने की समयावधि घटाकर 4 घंटा किया जाए। ड्रेस कोड की बाध्यता हटाई जाए। मृत्यु ऊपरांत अनुग्रह राशि 50 हजार रुपए दिया जाए। इसके साथ ही गर्मी की छुट्टियों और दूसरे शासकीय अवकाश पर छुट्टी दी जाए।

साल 2013 के मानदेय को बजट में एरियर्स समेत देने की मांग की गई है। जुझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका संघ के हड़ताली कार्यकर्ताओं को सरकार ने बर्खास्त कर दिया है, उन्हें वापस बहाल किया जाए सहित अन्य मांगे शामिल हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे भी उतना ही कार्य करती हैं जितना की अन्य शासकीय कर्मचारियों द्वारा कार्य किया जाता है फिर भी उनके साथ शासन-प्रशासन भेदभाव कर रही है, जिसे वह अब बर्दास्त नहीं करेंगी। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती है वे अपनी मांगों को लेकर डटे रहेंगे। भले ही उन्हें भीख मांगने की नौबात क्यों न आए।