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कांकेर में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह की सभा, बोले- मोदी सरकार ने दिल खोलकर छत्तीसगढ़ के लिए किया काम

Defense Minister Rajnath Singh In Kanker : सियासी आम सभा में मोदी सरकार के 9 साल की उपलब्धियां गिनाई है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित अजय मंडावी से मुलाकात कर उनका हाल चाल जाना।

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कांकेर. Rajnath Singh in Kanker : केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांकेर में जनसभा को संबोधित किया। नरहरदेव हाईस्कूल ग्राउंड में आयोजित सियासी आम सभा में मोदी सरकार के 9 साल की उपलब्धियां गिनाई है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित अजय मंडावी से मुलाकात कर उनका हाल चाल जाना। बता दें कि इससे पहले छत्तीसगढ़ पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह ने भिलाई में पद्मश्री उषा बारले से मुलाकात की थी। ऐसा लगातार बीजेपी के बड़े नेता दूसरी बार किए हैं।

केंद्र सरकार ने कभी नहीं किया सौतेला व्यवहार
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिह ने जनसभा में कहा कि केंद्र सरकार ने कभी भी छत्तीसगढ़ के साथ सौतेला व्यवहार नहीं किया। पीएम मोदी ने अपने 9 साल के कार्यकाल में दिल खोलकर छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए काम किया। चाहे वो आदिवासियों के उत्थान के लिए क्यों ना हो। कहा कि भारत को मजबूत करने में आदिवासियों का अमूल्य योगदान है। राजनाथ सिंह ने आजादी की लड़ाई से लेकर आज की स्थिति को लेकर बताया।

बस्तर की माटी वीरों की माटी : राजनाथ सिंह
बस्तर की माटी वीरों की माटी है। रमन सिंह के 15 साल के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ की तस्वीर बदली है। छत्तीसगढ़ बनाने की सबसे बड़ी वजह थी कि आदिवासी भाइयों को विकास की यात्रा में आगे बढऩा था। इसलिए छत्तीसगढ़ और झारखंड का गठन किया गया था। भारत के इतिहास में अगर आदिवासियों के लिए अलग से कुछ काम हुआ तो है तो वह काम अटल जी ने किया है।

जानिए अजय मंडावी के बारे में..
कांकेर जिले के अजय मंडावी 2005 से काष्ठ कला के क्षेत्र में काम करते आ रहे हैं। 2010 में तत्कालीन कलेक्टर एन के खाखा ने उन्हें जेल में बंद कैदियों को काष्ठ कला सिखाने को कहा था। जिसके बाद से अजय मंडावी कैदियों को काष्ठ कला सिखाते आए हैं। अजय मंडावी ने जिन कैदियों को काष्ठ कला सिखाई, उनमें से ज्यादातर नक्सल मामलों में बंद विचाराधीन कैदी थे। लगभग 400 ऐसे नक्सली जो कि कभी हाथ में बन्दूक लेकर खून की होली खेला करते थे, वे अब अजय मंडावी से काष्ठ कला सीखकर अपने हाथ के हुनर से अपना जीवन हंसी-खुशी जी रहे हैं। इन्हीं कामों के लिए उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।