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सावधान! मिलावटी खोवा के सेवन से हो सकता है कैंसर, एेसे करें असली-नकली की पहचान

दीपावली के नजदीक आते ही मिलावटी मिठाइयां बाजार में खपाने अपनी ताकत झोंक दी है। नकली मिठाइयों की जांच करने वाली टीम अभी आराम फरमा रही है।

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adulterated mawa

Due to the consumption of adulterated khowa

कांकेर. दीपावली के नजदीक आते ही मिलावटी मिठाइयां बाजार में खपने व्यापारियों ने अपनी ताकत झोंक दी है। नकली मिठाइयों की जांच करने वाली टीम अभी आराम फरमा रही है। लोगों के सेहत से खिलवाड़ करने वाले दुकानदार नकली खोवा मावा की मिठाइयां धड़ल्ले से तैयार कर रहे हैं।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम कार्रवाई के लिए ध्यान नहीं दे रही है। सप्ताहभर पहले शहर से बाहर होटलों और ढाबों पर दबिश दिए, लेकिन उन स्थानों पर मिठाइयां नहीं बनती थी। दीपावली पर्व के लिए सिर्फ पखवाड़े भर शेष बचा है। पर्व को लेकर हर व्यापारी अपनी सुविधानुसार दुकानों को सजाकर तैयार कर रहे हैं। वहीं, लोगों को बिक्री करने के लिए पर्याप्त मात्रा में सामानों का स्टाक करने में लगे हैं।

इधर, होटलों और मिठाई की दुकानों में भी मिठाइयां बननी शुरू हो गई है। इधर इस बार भी लाखों की मिलावटी मिठाइयां खपने का अनुमान लगाया जा रहा है। सूत्रों की माने तो दीपावली पर्व के दिन ५० लाख से अधिक की मिठाइयों का कारोबार होने की बात कही जा रही है।

बता दें कि दीपावली पर्व को लेकर एक माह पहले से तैयारी शुरू हो जाती है। पर्व में मिठाइयों का विशेष महत्व होता है। जिसे देखते हुए शहर के होटलों में तरह-तरह की मिठाइयां व अन्य खाद्य पदाथों में मिलावट की शिकायत आ रही है। इस वर्ष त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने न तो होटलों की सफाई व्यवस्था की जांच की और न ही मिठाई के सैंपल लिए हैं। आसानी से लाखों की मिलावटी मिठाइयां बाजार में खप जाएगी। वहीं, मिलावट खोरों के हौसले बुलंद हैं।

होटलों की जांच की जिम्मेदारी जिस विभाग को दी है, उसके अधिकारी होटलों की जांच कार्रवाई में रूची नहीं दिखा रहे हैं। इसके चलते उनके कार्यशैली पर प्रश्र चिन्ह खड़ा हो रहा है। इन होटलों की न सफाई व्यवस्था की जांच की जा रही है और न ही सफाई संबंधी कोई निर्देश होटल संचालकों को दिए गए। दुकानदारों की माने तो एक मिठाई की दुकान से पर्व पर तीन लाख रुपए से अधिक मिठाइयां बिक्री होती है। एक आकड़े के आधार पर ले तो शहर के अंदर व बाहर कुल छोटी व बड़ी 25 दुकान हैं। शहर में 50 लाख का मिठाइयां बिक्री होने का आकाड़ा सामने आ रहा है।

शहर में ५० लाख की मिठाइयां खपेंगी
सूत्रों की माने तो खोवा की मांग अधिक है। 50 लाख से अधिक की मिलावटी मिठाइयां खपाने का अनुमान है। धमतरी, रायपुर, बिलासपुर से नकली खोवा बाजार तक पहुंच गया है। विभाग के अधिकारी शहर में जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करते हैं। इसके चलते मिलावटी खोवा अभी से बनने शुरू हो गए है। विभिन्न प्रकार के मिठाइयां तैयार करने के लिए बाहर से कारीगर भी आ जाने की बात कही जा रही है, जो अब मिठाइयां बनाने में जुट गए है।

मिलावटी मावे के नुकसान
मिलावटी मावा आपकी सेहत पर बुरी प्रभाव डालता है। मिलावटी मेवे के सेवन से पेट दर्द, डायरिया, मरोड़, पेट में भारीपन, एसिडिटी और इनडाइजेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर मिलावटी मावे का ज्यादा मात्रा में सेवन कर लिया जाए तो इंटरनल ऑर्गन्स पर भी बुरा असर पड़ सकता है। इसकी वजह इसमें लिटमस पेपर का मिलाया जाना है जो पानी को सोखने की क्षमता रखता है। मावे में घटिया किस्म का सॉलिड मिल्क मिलाया जाता है। इसमें टेलकम पाउडर, चूना, चॉक और सफेद केमिकल्स जैसी चीजों की मिलावट भी होती है। ऐसे मावे से बनी मिठाइयों से किडनी और लिवर पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है। इतना ही नहीं, इससे कैंसर, फूड प्वाइजनिंग, वॉमिटिंग और डायरिया जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं।

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