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हरिहर बाजार ने बदली बस्तर के महिलाओं की जिंदगी, अब लोगों के लिए बनीं प्रेरणा

अब इन्हें साफ सुथरे हरिहर बाजार में कार्य करने से खुशी मिल रही है और परिवार चलाने लायक वेतन भी मिल रहा है।

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CG news

जगदलपुर . हरिहर बाजार ने महिला विकास साग सब्जी सहकारी समिति की महिलाओं की जिंदगी बदल दी है, पहले सड़कों में बैठकर सब्जी बेचने या कोचिया का काम कर जिंदगी चलाने वाली महिलाओं में हरिहर बाजार से आत्मविश्वास से भर दिया है। अब इन्हें साफ सुथरे हरिहर बाजार में कार्य करने से खुशी मिल रही है और परिवार चलाने लायक वेतन भी मिल रहा है। समिति में ८ महिलाएं कार्यरत हैं। वे किसानों को प्रेरित भी करती हैं कि उगाई गई सब्जियां यहां बेचे। टलनार, बनियागांव, उलनार, तारापुर से सब्जिया लेकर आते हैं। खरीददारी भी अच्छी हो रही है। हरिहर बाजार खुलेने से किसानों को भी फायदा मिल रहा है।

चार जगह और खोलने की है योजना : शहर के हरिहर बाजार की सफलता के बाद इसी तरह के हरिहर बाजार नानगुर, तोकापाल, नगरनार, गीदम में भी खोलेने की योजना है। जहां जैविक उत्पादन कर सब्जियां बेची जाएंगी। समिति की अध्यक्ष शांति नाग ने बताया कि यहां खुलने वाले बाजार समिति की ही शाखा होगी। अभी इसकी योजना बनाई गई है। इसमें भी महिलाओं को जोड़ा जाएगा।

पहले की तुलना में जिंदगी में सुधार आया है। गांव में कोचिया का कार्य करती थी, लेकिन अब यहां हरिहर बाजार में कार्य कर अच्छा लगता है।
३ हजार रुपए मिलते हैं, परिवार चल जाता है।
सोमारी, सदस्य

मैं मितानिन रह चुकी हूं और घर में पहले किराना स्टोर भी चलाती थी, लेकिन हरिहर बाजार में आने से हमारी जिंदगी में परिवर्तन आया। आत्मविश्वास बढ़ गया है, पहले मैं सोच रही थी, कि यह नहीं कर पाउंगी, पर अब अच्छा लग
रहा है।
भगवती, सदस्य

हमारी जिंदगी में बदलाव आया है। पहले हम सड़क या गांव में सब्जी बेचते थे, लेकिन अब हम हरिहर बाजार में बेच रहे हैं, साफ सुथरे माहौल में अच्छा लगता है। इस हरिहर बाजार की शाखा खोलने की भी सोच रहे हैं।
शांति नाग, समिति अध्यक्ष