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Kotwars sold service land: 6 माह से कोटवारी भूमि जीरो करने आलाधिकारी दस्तावेज जुटा रहे हैं, लेकिन अभी तक सिविल न्यायालय में पेश नहीं कर पाए। 11 कोटवारों ने 16 लोगों को सरकारी भूमि बेची है। अब छग शासन ने रिपोर्ट मांगी है। वैसे तो हाईकोर्ट के आदेश पर कोटवारी सेवा भूमि की खरीदी विक्रय पर रोक लगाते हुए सभी रजिस्ट्री जीरो किया जाना है।
हाईकोर्ट के फैसले को ठेगा दिखाते हुए कांकेर के अधिकारी अभी तक न तो एक भी कोटवारी सेवा भूमि से अतिक्रमण हटा पाने में सफल हुए और न ही वर्षों पहले गलत ढंग से खरीदी विक्रय भूमि की रजिस्ट्री रद्द करने के लिए सिविल न्यायालय में मामला दर्ज करा पाए हैं। वैसे तो यह मामला छग शासन के पास पहुंच गया है। छग शासन की ओर से एक सप्ताह में जांच कर रिपोर्ट मांगी है। इस तरह से करीब दर्जनभर कोटवारों ने सेवा भूमि विक्रय(Kotwars sold service land) किया है। नरहरपुर में तो एक कांग्रेस नेता ने कोटवारी सेवा भूमि दो हेक्टेयर अपने नाम करा ली है। अभी तक सिविल न्यायालय में प्रकारण दर्ज नहीं होने के कारण रजिस्ट्री खारिज नहीं किया गया। एक साल से राजस्व विभाग के अधिकारी लीपापोती कर रहे हैं।
विधानसभा को भी गुमराह करने की कोशिश
विधानसभा को भी झूठी जानकारी देकर गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। ताकि अतिक्रमणकारियों के खिलाफ किसी प्रकार की बेदखली की कार्रवाई न हो पाए। इस तरह के खेल में बड़े-बड़े लोग लगे हैं। कांकेर अनुभाग के ग्राम माटवाड़ा मोदे के अलावा ग्राम उमरादाह, रामपुर, डुमरपानी, मरकाटोला और भीमाडीह में कोटवारी सेवा भूमि की खरीदी विक्रय किया गया है। चारामा अनुभाग के कुर्रुटोला, गिधाली, चावड़ी, मयाना और भानुप्रतापपुर के भैंसमुंडी में कोटवारी सेवा भूमि की गलत ढंग से खरीदी विक्रय किया गया है।
अधिकारी की पत्नी ने किया अतिक्रमण
भानुप्रतापपुर अनुभाग क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुल्ला में एक आईएएस अधिकारी की पत्नी ने कोटवारी सेवा भूमि खसरा क्रमांक 236/1-ग रकबा 1.91 हेक्टेयर में अतिक्रमण कर काम्प्लेक्स का निर्माण करा दिया है। कॉम्प्लेक्स को किराए पर चलाया जा रहा है। विधानसभा में जानकारी मांगा गया तो स्थानीय अधिकारियों ने आईएएस की पत्नी को बचाने के लिए अतिक्रमण की रिपोर्ट सदन को नहीं भेजी। उक्त कोटवारी सेवा भूमि में दो दर्जन से अधिक लोगों ने कब्जा कर भवन खड़ा कर दिया है।
सदन को अफसरों ने भेजी झूठी जानकारी
कांकेर अनुभाग के माटवाड़ा मोदे में खसरा क्रमांक 237/2 रकबा 0.33 हेक्टेयर कोटवारी सेवा भूमि राजस्व निरीक्षक ईश्वर प्रसाद नाग ने खरीदी की है। कोटवारी सेवा भूमि को अपने नाम पर नामांतरण भी करा लिया है। जब विभानसभा में कोटवारी सेवा भूमि खरीदी विक्रय की जानकारी मांगा गया तो अधिकारियों ने राजस्व निरीक्षक का नाम हटा दिया। पूर्व के खरीदारों का नाम भेज दिया। जबकि मौजूदा समय में उक्त भूमि राजस्व निरीक्षक नाग के नाम पर दर्ज है। अभी तक रजिस्ट्री खारिज नहीं हुई है।
इन गावाें के कोटवारों ने 16 लोगों को गलत ढंग से बेच दिया सरकारी सेवा भूमि
माटवाड़ा मोदे में कोटवार की पत्नी रामवती ने 0.33 हेक्टेयर सेहागाबाई जुुर्री को विक्रय किया है। सेहागाबाई ने राजस्व निरीक्षक ईश्वर प्रसाद नाग को बेच दी है। कोटवार पुत्र लक्ष्मण ने सांतनू कलियारी को और सांतनू ने लेखराज देवांगन और लक्ष्मी देवांगन को विक्रय किया है। लक्ष्मी के पति सरकारी कर्मचारी हैं। लेखराज ने ममता मोटवानी को विक्रय है। उमरादाह में कोटवार शंभू कैलाश ने 0.37 हेक्टे. प्रद्युमन को बेचा है। रामपुर में कोटवार आत्माराम ने 1.76 हेक्टे. रेश्मा पति रामानंदन और छुरेंद्र को बेचा है। डुमरपानी में कोटवार सुकदास ने 0.19 हेक्टे. लक्ष्मी को बेचा है।
मरकाटोला में कोटवार घसियाराम ने 0.03 हेक्टे. बिष्णु और खेदू को बेचा। भीमाडीह के कोटवार शंकरदास ने कांग्रेसी नेता पुरुषोत्तम पिता रामकृष्ण को 2 हेक्टेयर बेचा है। भानुप्रतापपुर के भैंसमुंडी में कोटवार संतोष टांडिया ने 0.80 हेक्टेयर ज्योति ठाकुर को, चारामा के कुर्रुटोला में कोटवार मोहनदास ने 0.22 हेक्टेयर अनिता को, गिधाली में मोहनदास ने 0.44 हेक्टे. मोतीलाल, चांवड़ी में रामधीन ने 0.33 हेक्टे. रोहिदास को और मयाना में कोटवार ने अपनी पत्नी के नाम दर्ज करा दिया है।
इस मामले में कांकेर एसडीएम धनंजय नेताम ने कहा कि कोटवारी सेवा भूमि खरीदी विक्रय की रजिस्ट्री जीरो कराने सिविल न्यायालय में राजस्व विभाग की ओर से दस्तावेज जमा कर दिया गया है।
Published on:
14 Nov 2022 02:06 pm
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