20 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी में अच्छी सुविधा के नाम पर लाखो की ठगी, परिणाम शुन्य

आधा दर्जन से अधिक लोग हो चुके बीमार, कालोनी में सुविधाएं नहीं, दीनदयाल हाउसिंग बोर्ड कालोनी में समस्याओं का है अंबार

2 min read
Google source verification
kanker news

कांकेर. हाउसिंग बोर्ड कालोनी में बेहतर सुविधा देने के नाम लाखों रुपए वसूलीकर मकान आबंटित के बाद भी लोगों को शुद्धपेयजल नहीं मिल रहा है। वर्षों बाद भी पानी टंकी की सफाई नहीं हुई है। पानी टंकी में छिपकटी, गिरगीट सहित अन्य जीव मरे पड़े हैं। इसी गंदे पानी को कालोनीवासी पीने के लिए मजबूर है।

गंदे पानी का उपयोग करनेके कारण लोग अब तमाम बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। बताया जा रहा कि कुछ लोगों को अस्पताल में भर्र्ती कराया गया है। रहवासियों के लिए कई शिकायतों के बाद भी इस ओर कारगर पहल नहीं की जा रही है। कालोनीवासियों ने रविवार को बैठक आयोजित कर कलक्टर से शिकायत करने की बात कही है।

जिला मुख्यालय से लगे ठेलकाबोड़ में दीनदयाल हाउसिंग बोर्ड कालोनी के रहवासी इनदिनों गंदा पानी पीने व निस्तारी के मजबूर हैं। वार्ड में लगी पानी टंकी की सफाई नहीं होने से गंदगी से अटी पड़ी है। रविवार को सुबह कालोनीवासियों ने टैंक का ढक्कन उठा कर देखा तो उनके होश उड़ गए। टंकी के अंदर छिपकली, गिरगीट सहित अन्य जीव मरे पड़े थे। लोगों ने बताया कि कालोनी में कोई सुविधा नहीं है।

शौचालय का सिवरेज लाइन टूटी पड़ी है। पाइप लाइन टूटा है। एक ही पानी टंकी से कालोनी में पानी की सप्लाई की जाती है। कालोनीवासियों ने बताया कि इसकी शिकायत बोर्ड के अधिकारियों से करने के बाद भी निराकरण नहीं किया जा रहा है। कालोनी के कैलाशनाथ, आरके सुमन, चंदन तिवारी, अनिल गौतम, हेमेंद्र साहसी, सूर्यभान वर्मा, बसंत ठाकुर, यशवंत जायसवाल, अशोक सूर्यवंशी, संजय सिन्हा, गुलाब सोन, बीडी मानिकपुरी सहित अन्य कहा कि जिस तरह मकान बनाने के समय योजनाओं की जानकारी दी गई थी, उसका लाभ नहीं मिल रहा है। बल्की कालोनी की समस्या और दिनों-दिन बढ़ती ही जा रही है।

86 परिवार निवासरत

लोगों ने बताया कि यह कालोनी वर्ष 2006 में निर्मित हुई है, इसके बाद 2009 से यहां लोग निवासर करना शुरू कर दिए हैं। इसके बाद से इस कालोनी को देखने कोई नहीं आया है। सभी परिवार के लोग इस गंदे पानी से परेशान हैं। सभी मकानों में कोई न कोई परेशानी है। रोड़ के नाम पर महज खानापूर्ति किया गया था। चलने योग्य सडक़ भी नहीं है।

सुविधाओं का टोटा, आए दिन पानी का संकट

लोगों ने बताया कि बोर्ड द्वारा योजना के तहत दो कमरों वाले, लगभग 425 वर्गफीट के आवासीय भवन निर्मित किए जाने। निर्मित आवास एवं आवासीय कालोनियों की मुख्य विशेषताएं डामरीकृत सडक़, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट, विकसित उद्यान, खेल के मैदान, स्कूल के लिए खुली भूमि, पौधरोपा, 500 लीटर जलपूर्ति प्रति आवास, प्रतिदिन, सामुदायिक भवन, मोजेक फ्लोरिंग, किचन बेङ्क्षसक एवं राजिम स्टोन प्लेटफार्म सहित अन्य शामिल था। इन योजनाओं में मात्र मकान के अलाव किसी भी योजना का लाभ कालोनीवासियों को नहीं है। कालोनी वासियों ने बताया कि नगर से कुछ दूरी पर कालोनी का निर्माण तो करा दिया लेकिन सुविधा नाम की किसी प्रकार की चीज नहीं हैं। 15 से 20 लाख रुपए का भवन खरीदने के बाद भी लोगों शुद्ध पानी तक नहीं मिल रहा है।