
कलेक्टर ने अफसरों-कर्मचारियों को चेताया (Photo source- Patrika)
PM Awas: कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर की अध्यक्षता में समय-सीमा की बैठक में सुशासन तिहार के तहत प्राप्त लंबित मांगों और शिकायतों के शीघ्रता एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के निर्देश सभी अधिकारियों को दिए। बैठक में कलेक्टर ने नियद नेल्लानर सर्वे कार्य को 15 दिवस के भीतर पूर्ण करने के निर्देश सभी एसडीएम को दिए गए। उन्होंने आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए पीडीएस के नए भवनों का निर्माण बारिश से पूर्व प्रारंभ करने के निर्देश सम्बंधित जनपद सीईओ को दिए।
कलेक्टर ने सभी एसडीएम को आय, जाति और निवास प्रमाण-पत्र से संबंधित आवेदनों की शीघ्र जांच कर प्रमाण पत्र बनाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करें और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दें। बैठक में जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी ने ऽमोर गांव मोर पानी अभियान के तहत चल रहे कार्यों की जानकारी दी। जल संरक्षण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
कलेक्टर ने इसके प्रचार-प्रसार के लिए दीवार लेखन कार्य शीघ्र शुरू करने और विभागों के बीच समन्वय से कार्य करने निर्देशित किए। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी जनपद सीईओ को निर्देशित करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अनाधिकृत राशि मांगने की शिकायत मिलने पर सम्बंधित कर्मचारी पर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।
पीएम जनमन योजना के अंतर्गत आवास निर्माण की प्रगति, जिला खनिज निधि से स्वीकृत कार्यों की अद्यतन स्थिति तथा आयुष्मान वय वंदन कार्ड निर्माण की समीक्षा भी की गई। तत्पश्चात कलेक्टर ने अधिकारियों को नशा मुक्त भारत अभियान के तहत शपथ भी दिलाई। बैठक में पीएम श्री स्कूलों के रंग-रोगन कार्य की जानकारी दी गई। इस अवसर पर अपर कलेक्टर जितेन्द्र कुर्रे, सभी एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तर के अधिकारी मौजूद थे।
कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने मानसून में प्राकृतिक आपदा से बचाव एवं राहत व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक प्रशासनिक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में आगामी वर्षा ऋतु में बाढ़ से निबटने और प्राकृतिक आपदा से राहत पहुंचाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने पर विस्तृत चर्चा की गई।
कलेक्टर ने कहा कि जिले के पहुंचविहीन क्षेत्रों में अभी से खाद्य सामग्रियों और जीवनरक्षक दवाइयों का भंडारण सुनिश्चित कर लें, ताकि प्रभावित लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बाढ़ बचाव सामाग्री का संधारण, वर्षामापक यंत्रों की स्थापना, जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष, पेयजल की शुद्धता एवं स्वच्छता, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन एवं अस्थायी राहत कैंप हेतु भवन का चयन निगरानी टीम का गठन एवं अन्य आवश्यक तैयारी, नदियों एवं जलाशयों के जल स्तर तथा जलाशयों से जल छोड़ने की सूचना से अवगता कराने के लिए भी कहा।
PM Awas: कलेक्टर ने खाद्य अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सभी सीएमओ को मानसून से पहले नालियों की साफ-सफाई के निर्देश दिए ताकि बारिश में जाम की स्थिति न हो। बैठक में एसडीएम अरूण वर्मा ने बताया कि बाढ़, अतिवृष्टि एवं प्राकृतिक आपदा से राहत पहुंचाने एवं सहायता के लिए राज्य, जिला, अनुभाग एवं तहसील स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष बनाया गया है।
जिला स्तर पर जिला कार्यालय में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष नंबर 76479-70445 है। उक्त नियंत्रण कक्ष में 24 घंटे कर्मचारी उपलब्ध रहेंगे। बैठक में जिले के बाढ़ प्रभावित तहसीलों में निगरानी टीम का गठन करने एवं बाढ़, अतिवृष्टि आदि से बचाव हेतु कार्ययोजना तैयार कर प्रेषित करने को कहा गया। बाढ़ से बचाव के लिए सक्रिय मोटर बोट एवं अन्य सामग्री की व्यवस्था सहित सभी बचाव टीम को तैयार रखने के लिए जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी को निर्देशित किया गया।
जिले के तहसील स्तर पर स्थापित वर्षा मापक यंत्रों की मरम्मत व संधारण करने एवं नियमित रूप से जानकारी भेजने हेतु सभी तहसीलदार को निर्देशित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत के सीईओ हरेश मण्डावी, अपर कलेक्टर जितेन्द्र कुर्रे, सभी एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तर के अधिकारी मौजूद थे।
Updated on:
05 Jun 2025 04:36 pm
Published on:
05 Jun 2025 04:36 pm
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