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अजीत जोगी की सभा में ये क्या बोल गया ग्रामीण, 7 हजार का जुर्माना ठोंका

अजीत जोगी की सभा में ग्राम पटेल की जुबान फिसलना भारी पड़ गया।

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Ajit jogi

कांकेर. अजीत जोगी की सभा में ग्राम पटेल की जुबान फिसलना भारी पड़ गया। ग्रामसभा ने सार्वजनिक मंच से ग्रामपटेल को माफी मांगने और सात हजार रुपए का जुमाना ठोंक दिया। मंच पर राशि जमा नहीं करने पर बर्खास्त करने का प्रस्ताव भी पारित कर दिए।

ग्राम पंचायत अमोड़ा में छजकां की सभा में ग्राम पुसवाड़ा के ग्राम पटेल कलीराम पटेल की जुबान शौचालय भुगतान को लेकर फिसल गई। जोगी की सभा में भुगतान नहीं होने की जानकारी उन्होंने सार्वजनिक मंच से कर दी। जोगी के कार्यक्रम में उपस्थित पुसवाड़ा के कुछ ग्रामीण भड़क गए। ग्राम पटेल को मंच से नीचे उतरते ही ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया। सभा के दूसरे दिन गा्रम पुसवाड़ा में ग्रामीणों ने सार्वजनिक मंच से ग्रामपटेल को शौचालय भुगतान के संबंध में जानकारी मांगी। ग्रामसभा में ग्रामपटेल ने बताया कि उनकी जुबान गलती से फिसल गई।

मटेरियल व शौचालय का भुगतान पूरा होने के स्थान पर वह गलती से नहीं होना बोल गए। इस पर ग्रामसभा मेें ग्रामपटेल को माफी मांगने के लिए फरमान जारी करने के साथ सात हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया गया। ग्रामसभा में ही राशि देने का आदेश जारी किया गया। राशि नहीं जमा करने पर पद से बर्खास्त कराने का फरामन भी मौखिक सुनाया गया। ग्राम पटेल अर्थदंड जमाकर सार्वजनिक मंच से माफी मांगी। इसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें माफ कर दिया। ग्रामीणों ने पत्रिका को बताया कि अर्थदण्ड ग्रामपटेल की गलती पर लगाया गया है।

ग्रामपटेल गांव का प्रथम नागरिक
ग्रामपटेल गांव का प्रथम नागरिक होता है। सरकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार के अलावा किसी प्रकार का फैसला ग्रामपटेल ही सुनाता है। अगर ग्रामपटेल से गलती होती है तो ग्रामसभा की ओर से पटेल को दंडित किया जाता है। वैसे ग्रामपटेल का चयन सार्वजनिक ग्रामसभा के निर्णय के बाद तहसीलदार द्वारा किया जाता है। ग्रामपटेल को एक हजार प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। कोटवार गांव का दूसरा प्रमुख व्यक्तिमाना जाता है। किसी सभा एवं गांव के शासकीय काम में सहयोग कराना ग्रामपटेल की नैतिक जिम्मेदारी होती है।

मंच से क्या बोले थे पुसवाड़ा के ग्रामपटेल
ग्राम अमोड़ा में छजकां की सभा में ग्रामपटेल कलीराम शामिल होने के लिए गए थे। जोगी के मंच पर ग्रामपटेल को बोलने का अवसर मिला तो उन्होंने कहा स्वच्छता अभियान के तहत बन रहे शौचालयों का निर्माण गुणवत्ताहीन हो रहा है। शौचालय निर्माण के बाद हितग्राहियों को भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसी बात को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। गांव में शौचालय बनाने वाले हितग्राहियों से अनुदान के बारे में ग्रामपटेल के सामने पूछताछ हुई। ग्रामीण बोले किसी की राशि बाकी नहीं है। ग्रामपटेल द्वारा मंच से गलत जानकारी देने पर ग्रामसभा में अर्थदंड का फरमान जारी किया सार्वजनिक मंच से माफी मांगा।

दो सप्ताह पहले अमोड़ा में जोगी की सभा में मंच से ग्रामपटेल कलीराम ने शौचालय निर्माण के बाद अनुदान राशि नहीं मिलने की गलत जानकारी दी। ग्रामसभा ने गलत बयान पर जुर्माना ठोंका गया।
रामचरण कोर्राम, सरपंच पुसवाड़ा