
Health Alert : थायराइड, यूरिक एसिड, किडनी, लिवर के लिए राम बाण है ये मिलेट्स, आज ही शामिल करें डाइट में
फिंगेश्वर. देश में प्राचीन और पौष्टिक अनाज के प्रति जागरुकता बढ़ाने व भागीदारी की भावना पैदा करने के लिए कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 2023 को अंतरराष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष घोषित किया गया है।
इसी के तहत मिलेट्स पर व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिजली में किया गया। इस अवसर पर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी हरिशंकर सुमेर व के. आर. वर्मा द्वारा मिलेट्स क्रॉप जैसे ज्वार, बाजरा, कोदो, कुटकी व रागी फसल के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि मिलेट को हिंदी में बाजरा कहते हैं।
1960 के दशक में हरित क्रांति आने के बाद से काफी नुकसान पहुंचा। क्योंकि बाजरा उगाए जाने वाले बड़े क्षेत्र को हरित क्रांति के अंतर्गत उगाई जाने वाली फसल गेहूं और चावल के लिए प्रयोग किया जाने लगा था। जिससे हमारी परंपरागत फसलों को असाधारण नुकसान पहुंचा।
उन्होंने आगे मिलेट्स पर जानकारी देते हुए कहा कि बाजरा थायराइड, यूरिक एसिड, किडनी, लिवर,अग्नाशय से संबंधित रोगों में लाभदायक है। साथ-साथ पाचन तंत्र सुधारने में मदद करते हैं। इसके सेवन से पेट में गैस, कब्ज, एसिडिटी रोग में काफी मददगार साबित होते है। मिलेट को चमत्कारिक अनाज या भविष्य की फसल भी कहा जाता है।
क्योंकि, इनमें अनुकूलन की अद्भुत क्षमता होती है। यह केवल अनुकूल परिस्थितियों में ही उत्पन्न नहीं होते, बल्कि या कठोर परिस्थितियों में भी उत्पन्न होने की क्षमता रखते हैं। वहीं, शिक्षकों व छात्र-छात्राओं द्वारा मिलेट्स के संबंध में कृषि विस्तार अधिकारी से सवाल-जवाब किए।
Updated on:
18 Sept 2023 08:16 pm
Published on:
18 Sept 2023 08:15 pm
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