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कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के ग्राम पंचायत ठेलकाबोड़ में 15 दिनों से दो तेंदुए कडक़नाथ पोल्ट्री फार्म पर रात को आ रहे हैं। बीती रात पोल्ट्री फार्म में 10 मुर्गियों को निवाला बना लिए। इस पोल्ट्री फार्म में अब तक तेंदुआ के आक्रमण से व्यापारी को एक लाख रुपए का नुकसान हुआ है। हालांकि एक तेंदुआ को वन विभाग की टीम पकडक़र जंगल में छोड़ चुकी है। फिर भी इस पोल्ट्री फार्म पर रात में दो तेंदुआ धावा बोल रहे हैं।
नगर से लगे ग्राम ठेलकाबोड़ में कडक़नाथ पोल्ट्री फार्म में तेंदुआ के आने से दहशत बढ़ गई है। चिकन व्यापारी इस घटना से परेशान है। लगातार जंगली जानवरों द्वारा इस तरह से हमला करने से अब तक करीब १ लाख रुपए का नुकसान हो गया है। यामीन खान ने बताया कि 3 दिनों से दो तेंदुआ पोल्ट्री फार्म में आ रहे हैं। खान ने बताया कि बुधवार की रात करीब 9 बजे बीमार मुर्गियों को इंजेक्शन लगाकर कमरे में सोने के लिए चला गया। थोड़ी देरे बाद रात 12 बजे मुर्गियों की आवाज आने लगी। जाकर देखा तो दो तेंदुआ फार्म में घुसकर मुर्गियों को अपना निवाला बना रहे थे। आवाज सुनकर वह जाली तोडक़र भाग गए।
तेंदुआ फार्म में घुसा था, उस तरफ मैं सुबह जाकर देखा तो सन्न रह गया। वहां दो तेंदुआ के पांव के निशान भी थे। मैंने इसकी सूचना वन विभाग को दे दी। वन विभाग ने कहा कि घटना की जांच करने केे बाद तुरंत उसे पकड़ने की योजना बनाई जाएगी। गुरुवार की रात करीब 12 बजे दोनों तेंदुआ पोल्ट्री फार्म में आए गए। इस बार फार्म के अंदर नहीं घुसे और बाहर से ही घुमकर चले गए। अब तक लाख का नुकसान कर चुके हैं।
व्यापारी ने कहा कि वह मुर्गियों का व्यवसाय कर परिवार का पालन पोषण कर रहा है। तेंदुआ के हमले से अब तक जो नुकसान हुआ उसकी रिपोर्ट भी वन विभाग को दे चुका हूं। 16 सितम्बर को मुआवजा की मांग को लेकर कलक्टर को ज्ञापन सौंप दिया था। इसके बाद भी अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। खान ने बताया कि लगातार तेंदुआ के हमले से मुर्गियों में इनफेक्सन हो गया है। करीब 4 हजार रुपए की दवाई का उपयोग कर चुका हूं। कई मुर्गियां बीमारी से मर गईं। नुकसान के मुआवजा के लिए भटक रहा हुं। पोल्ट्री फार्म की जांच करने आए वन विभाग की टीम ने कहा तेंदुआ को पकडऩे की योजना बन रही है।
Published on:
28 Sept 2019 03:36 pm
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