
मण्डप में जींस में पहुंची दुल्हन और बिना फेरे लिए ही पहुंची ससुराल
कन्नौज. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत ब्लॉक मुख्यालयों पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें 81 युवकों ने फेरे लिए और 4 के निकाह कराए गए। राज्यमंत्री अर्चना पांडेय, विधायक कैलाश राजपूत, जिलाधिकारी रवींद्र कुमार, एसपी अमरेंद्र प्रसाद, सीडीओ एसके सिंह और अन्य जनप्रतिनिधियों ने वर वधू को आशीर्वाद दिया। वहीँ जलालाबाद में एक शादी के जोड़े की खूब चर्चा हुई क्योंकि दुल्हन जींस पहन कर मंडप में बैठी और बिना फेरे के ही ससुराल पहुँच गई।
जलालाबाद ब्लॉक में यह जोड़े बंधे जीवन की डोर
बीडी तिवारी इंटर कॉलेज जलालाबाद खेल मैदान पर सामूहिक विवाह पंडाल में जलालाबाद विकास खंड के गांव सफीपुर जब्ती की आरजू का निकाह तस्लीम के साथ, रूबीना बानो का निकाह नौशाद और सोनी का निकाह निजामुद्दीन के साथ हुआ। पंडाल में नगरपालिका परिषद कन्नौज के चांदनी पुत्री रामनाथ निवासी कंदरौली बांगर कन्नौज का विवाह सूरज पुत्र आशाराम गांव रमापुरदवीर फर्रुखाबाद से, पूजा पुत्री अनिल कुमार निवासी काजीटोला का विवाह अशोक नगर कानपुर निवासी सचिन पुत्र मुकेश के साथ, जिला पंचायत के सोफज पुत्री मालती देवी का विवाह दीपसिह पुत्र शिवपाल, लक्ष्मी पुत्री लक्ष्मन का विवाह नीरज पुत्र भगवानदास, रामजानकी पुत्री गिरीशचन्द्र बैसावारी का विवाह प्रशांत पुत्र जागेश्वर,,अर्चना पुत्री रामकिशोर का विवाह शिवम पुत्र रामआसरे के साथ हुआ।
जींस में आई दुल्हन
जींस में दुल्हन, न सिंदूर और न ही फेरा। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में इस तरह की शादी तमाम चर्चाएं और सवाल छोड़ गई। गुगरापुर के मनोरथपुर से आए इस जोड़े के पंजीयन और सत्यापन पर अटकलें लगने लगीं। साधना ने न शादी का जोड़ा पहना था, न ही दूल्हे दीप सिंह ने उसकी मांग भरी, न फेरे लिए। कागजों में ही शादी की रस्म पूरी हो गई। लोगों ने भी जब साधना को टोका तो वह बोली- शादी हो गई है, लेकिन सिंदूर मिटा दिया है। हड़बड़ी में जोड़ा वहां से निकल गया। अफसर भी चुप्पी साध गए। बीडीओ जेएन राव बस इतना बोले, अब जमाना बदल गया है। दोनों ने अपने रीति-रिवाज के अनुसार शादी की है। कोई ड्रेस कोड नहीं है।
गुगरापुर ब्लॉक में यह यह दूसरे के
गुगरापुर ब्लॉक में पुष्पा का विवाह अमर सिंह से, सीमा का राहुल, लक्ष्मी का पुष्पेन्द्र से, वर्षा का रोहित राठौर के साथ, जलालाबाद विकास खंड के रजनी का जगमोहन, संध्या का मनोज कुमार, प्रियंका का रमेशचन्द्र, सरोजनी का सूरज कुमार, सुमन देवी का रामकुमार के साथ विवाह संपन्न हुआ। ब्लॉक कन्नौज के केतकी का सुरजीत कुमार से, निशा का अशोक कुमार, निहारिका का रामऔतार, संतोषी का नितेश कुमार से विवाह हुआ। शिवानी का रामआसरे, सती का नंदकिशोर और कोमल का विवाह रवीश कुमार के साथ हुआ।
तालग्राम ब्लॉक में एक पंडाल में हुए फेरे और निकाह
तालग्राम ब्लाक परिसर में कांती संग अमित राजपूत, मोहनी संग राहुल, आरती संग राजेंद्र, वंदना संग राहुल, रूवी संग प्रवीन, मनीसा संग सुधीर कुमार, रूबी संग अंकित, मीना संग टेकचंद्र, पूजा संग हेमंत, नीतू संग ओमवीर, पिंकी संग अमर सिंह, शबनम संग शिवमंगल का विवाह आचार्य राममोहन मिश्रा ने कराया। काजी हाफिज अरशद ने पिंकी व राजा इदरीशी, नाजरीन व छोटे अली तथा रुकसाना बानो व सईम का निकाह पढ़ाया। प्रधान पति संतोष चतुर्वेदी, एडीओ पंचायत रमेश चन्द्र शर्मा, मुनीश कुमार गौड़, संजय दोहरे, संतोष दुबे, विमल दुबे, रजनीकांत, लाल सिंह, रवि प्रताप सिंह, मनोज यादव, राज विक्रम मौजूद रहे।
छिबरामऊ ब्लॉक में 9 जोड़ों का हुआ विवाह
छिबरामऊ ब्लॉक में 9 जोड़ों का विवाह पं.आमोद कुमार दुबे ने कराया। इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष उर्वशी दुबे मौजूद रहीं। हसेरन ब्लॉक में 12 विवाह और एक निकाह हुआ। आशा सुनीता चौहान ने बर्तन और प्रधान संघ अध्यक्ष उदयप्रताप सिंह ने शाल व पैंट शर्ट किए। प्रधान राहुल त्रिपाठी, प्रवीण दुबे, वीरभान राजपूत, बरमाधीन वर्मा आदि मौजूद रहे। तिर्वा ब्लाक मुख्यालय पर 20 विवाह हुए।
हादसे में दूल्हा घायल
ब्लाक मुख्यालय पर अंजली देवी की शादी भी होनी थी। शादी के लिए आते समय उनका दुल्हा अतुल कुमार मार्ग दुर्घटना में घायल हो गया। उसको अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे विवाह स्थगित करना पड़ा।
दहेज़ पर रूठा दूल्हा
सियरमऊ निवासी खुशबू पुत्री सुरेंद्र पाल और रोहित पुत्र सुभाष कठेरिया निवासी झाऊपुरवा इंदरगढ़ का विवाह भी होना था। उनका पंजीकरण भी करा दिया गया था। वधू पक्ष तो पहुंच गया लेकिन दूल्हा और उसके परिजन नहीं आए। दुल्हन के भाई गौतम ने बताया कि दूल्हे के पिता शादी में बाइक मांगने का आरोप लगाकर डीएम से शिकायत की। ये भी आरोप लगाया कि एक दिन पहले पचास हजार रुपये दे चुका है। एक कन्या का दूल्हा आया लेकिन उसने फेरे नहीं लिए।
शादी से इनकार
एक दूल्हे इदरीश ने निकाह करने से मना कर दिया। इस पर अधिकारी सकते में आ गए। उसने कहा कि दहेज का सामान लेने आया हूं, निकाह बाद मे करूंगा। इससे लड़की की मां परेशान हो गई। काजी हाफिज के समझाने पर दूल्हा मान गया और उसका निकाह करा दिया गया।
भूखे लौटे बाराती
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में जलालाबाद, कन्नौज, गुगरापुर, नगर पालिका कन्नौज व जिला पंचायत से 29 जोड़ों का विवाह होना था। 25 जोड़ ही पहुंचे। जलालाबाद से तीन जोड़े नहीं आए। कार्यक्रम में समाज कल्याण की तरफ से प्रति जोड़ा पांच हजार रुपये खाने-पीने के दिए गए थे। इसके बाद भी बारातियों के स्वागत सत्कार में कमी रह गई। कई लोग भूखे लौट गए। पानी तक की व्यवस्था नहीं रही।
Published on:
17 Dec 2018 03:32 pm
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