
8 साल की बच्ची से दुष्कर्म और ह्त्या का मामला, अदालत ने दो आरोपियों को दी फांसी
कन्नौज. एक तरफ जहां देश की सर्वोच्च अदालत ने तीन तलाक पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया, तो वहीं कन्नौज के अपर जिला एवं सत्र न्यायालय न्यायाधीश कक्ष सं0-1 चन्द्र भूषण सिंह ने मंगलवार को 8 साल की बच्ची के साथ बलात्कार और ह्त्या के मामले में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तीन अभियुक्तों में से दो को फांसी की सजा का ऐलान कर दिया। फांसी की सजा का ऐलान होते ही अभियुक्तों के परिजनों में कोहराम मच गया और रोते बिलखते परिजन सजा माफ करने की गुहार लगाने लगे।
दो को मिली फांसी
कन्नौज के छिबरामऊ थाना क्षेत्र के ग्राम मोहन नगला के रहने वाले नीलू पुत्र इंदल की 8 वर्षीय पुत्री मोनिका के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर देने के मामले में तीन अभियुक्त पिछले चार सालों से कन्नौज जेल में बंद थे। जिसकी सुनवाई करते हुए मंगलवार 22 अगस्त को न्यायाधीश चन्द्र भूषण सिंह ने सतीश पुत्र इतवारी उम्र 40 वर्ष व जीतू पुत्र राजेश को फांसी की सजा का ऐलान कर दिया।
नाबालिग है तीसरा अभियुक्त
वहीं इस मामले का तीसरा अभियुक्त सुधीर जो कि नाबालिग है, उसको फांसी की सजा नहीं दी गयी। दोनों अभियुक्तों की फांसी की सजा का ऐलान होते ही परिजनों में कोहराम मच गया और न्यायालय परिसर में ही चीख पुकार करते परिजन रोते बिलखते रहे। परिजनों का कहना है कि इनकी सजा कम की जाए, क्योंकि सतीश के छोटे-छोटे 6 बच्चे हैं। हालांकि इनका गुनाह कम नहीं है। जिसकी वजह से दोनों अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाई गयी।
ऐसे दिया गया था घटना को अंजाम
25 जुलाई 2014 के दिन, समय करीब 12 बजे का था। 8 वर्षीय नाबालिग मोनिका अपने घर से खेलने के लिए गांव में निकली थी। मोनिका के पिता मजदूरी करने चले गये थे और मां खेत पर घास लेने गयी थी। मोनिका को अकेला खेलता हुआ देख गांव के ही रहने वाले सुधीर पुत्र राजेन्द्र व जीतू पुत्र राजेश एवं सतीश पुत्र इतवारी ने एक राय होकर उसको टाॅफी देने के बहाने अपने पास बुलाया और सुनसान जगह पर उसको अपने साथ ले गये। जहां तीनों ने उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अन्जाम दिया।
बच्ची की कर दी थी हत्या
बच्ची ने तीनों आरोपियों को पहचान लिया था। क्योंकि वह उसके ही गांव के लोग थे। इसी कारण अभियुक्तों ने उसकी हत्या कर शव को एक बोरे में भरकर गांव के बाहर सिपाही राम के खेत में फेंक दिया। जब मोनिका के घर पर उसकी मां और पिता वापस पहुंचे, तो मोनिका को घर पर न देख दोनों ने उसकी तलाश शुरू की। लेकिन उसका कहीं भी पता नहीं चला। जिसके बाद दूसरे दिन 26 जुलाई 2014 को सुबह करीब 6 बजे गांव के ही सिपाही राम के खेत के पास तालाब की मेड़ पर खून से लथपथ एक बोरे से मोनिका की लाश बरामद हुई थी।
Published on:
23 Aug 2017 10:05 am
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