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परिवार सहित सपा में शामिल हुए भाजपा के ये दिग्गज नेता, बेटे को पार्टी में दिया बड़ा पद, भाजपा को लगा बड़ा झटका

सपा में शामिल हुए भाजपा का यह दिग्गज, बदला चुनावी समीकरण

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परिवार सहित सपा में शामिल हुए भाजपा के ये दिग्गज नेता, बेटे को पार्टी में दिया बड़ा पद, भाजपा को लगा बड़ा झटका

कन्नौज. भाजपा से दो बार राज्यसभा सांसद रहे प्रोफेसर डॉ. राम बख्श सिंह वर्मा ने बुधवार को सपा का दामन थाम लिया। उन्होंने बीते रविवार को ही उपेक्षा का आरोप लगाते हुए भाजपा का दामन छोड़ा था। पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें सपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किया गया है, जबकि उनके पुत्र आलोक वर्मा को सपा का प्रदेश सचिव मनोनीत किया गया है।


राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मिली जगह
कन्नौज लोकसभा क्षेत्र के तेराजाकेट में जनसभा को संबोधित करने आए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यक्रम में रामबख्स ने बेटे और पत्नी के साथ सपा की सदस्यता ली। अखिलेश ने उनका स्वागत भी किया। इससे पूर्व सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूर्व सांसद डॉ. रामबख्श सिंह वर्मा को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सचिव मनोनीत किया, जबकि उनकी संस्तुति पर सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने उनके पुत्र और तिर्वा से भाजपा विधानसभा का चुनाव लड़ चुके आलोक वर्मा को प्रदेश सचिव मनोनीत किया।

दो बार रहे राज्यसभा सांसद
इस दौरान रामबख्स वर्मा ने भाजपा को सवर्णों और सपा को पिछडे, दलितों और शोषितों की पार्टी बताया। कहा, दो बार हारने वाले सवर्ण को तीसरी बार भी टिकट देना पार्टी की विचारधारा को बताता है। जनसभा को सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने भी संबोधित किया। डॉ. रामबख्स सिंह वर्मा भाजपा से 1994 से 2006 तक लगातार दो बार राज्यसभा सांसद रहे। 1977 में जनता पार्टी की टिकट से और 1989 में जनता दल की टिकट पर उमर्दा विधानसभा से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। 1991 में जनता दल की टिकट से कन्नौज लोकसभा और 1999 में भाजपा की टिकट से फर्रुखाबाद लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा लेकिन हार गए। पत्नी रामनंदिनी वर्मा ने 1985 में दलित मजदूर किसान पार्टी की टिकट से उमर्दा विधानसभा का चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की थी।