
Fake marksheet
कन्नौज. जिले में यूपी बोर्ड और यूनिवसिर्टी की मार्कसीट बनाये जाने का फर्जीवाड़ा दस्तावेजों सहित पुलिस ने बरामद कर तीन अभियुक्तों को दबोचा है। इस मामले का बड़ा खुलासा हुआ है कि फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र बनाने वाले गैंग के ग्राहक शादी लायक कम पढ़े-लिखे युवक-युवतियां, उनके माता-पिता व निजी कंपनियों में डिग्री लगाकर नौकरी पाने की चाहत रखने वाले बनते थे। गैंग के दोनों भाइयों के पिता भी इसमें पहले लिप्त रहे। शिकार फंसाकर लाने वाले दलालों को प्रति प्रमाणपत्र 500 रुपये मिलते थे। इस गैंग को पकडऩे में स्वॉट टीम के शमशुद्दीन, मदन सिंह, गोमती प्रसाद, अवनीश, राशिद, भूपेंद्र सिंह, विशुनगढ़ थाने के बृजेश बाबू यादव, प्रभाकर दीक्षित, गौरव कुमार व शशिकांत शामिल रहे। एसपी ने बताया, पुलिस टीम को पुरस्कृत कराने की सिफारिश उच्चाधिकारियों से की जाएगी।
नेटवर्क इनके साथ बाकी सदस्यों ने तेजी से बढ़ाया
पुलिस की माने तो पकड़े गए राकेश व अवधेश के पिता प्यारेलाल भी इस धंधे में शामिल रहा है। उनसे फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र लेकर नौकरियां पाने वाले तमाम लोग अब तक सेवानिवृत्त हो चुके हैं। कभी पकड़े न जाने की वजह से राकेश व अवधेश भी इस तरफ बढ़ गए। मुख्य सरगना उमेश यादव का नेटवर्क इनके साथ बाकी सदस्यों ने तेजी से बढ़ाया। शादी-विवाह के लिए कम पढ़े-लिखे युवक व युवतियों को प्रमाणपत्र देने से यह कभी पकड़ में नहीं आए।
अधिकारियों के हस्ताक्षर के नमूने भी कंप्यूटर में रखते थे
लोगों ने भी कभी शिकायत नहीं दर्ज कराई। हाल में कुछ युवकों से ज्यादा रुपये ठगने पर इस खेल का पर्दाफाश हुआ। विशुनगढ़ थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह ने बताया, आरोपी अलग-अलग बोर्ड व विश्वविद्यालयों की फर्जी मुहर और अधिकारियों के हस्ताक्षर के नमूने भी कंप्यूटर में रखते थे। इसी आधार पर तत्काल अंक पत्र तैयार कर दिया जाता था।
इस गैंग को पकडऩे में स्वॉट टीम के शमशुद्दीन, मदन सिंह, गोमती प्रसाद, अवनीश, राशिद, भूपेंद्र सिंह, विशुनगढ़ थाने के बृजेश बाबू यादव, प्रभाकर दीक्षित, गौरव कुमार व शशिकांत शामिल रहे। एसपी ने बताया, पुलिस टीम को पुरस्कृत कराने की सिफारिश उच्चाधिकारियों से की जाएगी।
Published on:
25 Nov 2017 07:44 pm
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