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दो महीने से लापता युवती, न्याय के लिए परिवार ने किया धरना प्रदर्शन, एसटीएफ ने की पूछताछ

क्षेत्र से लड़कियों का अपहरण करने के बाद विदेशों में भेजने का कारोबार काफी लम्बे समय से किया जा रहा है

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दो महीने से लापता युवती, न्याय के लिए परिवार ने किया धरना प्रदर्शन, एसटीएफ ने की पूछताछ

कन्नौज. इंडियन आर्मी में सूबेदार पद पर तैनात शिवपाल सिंह शर्मा की बेटी अंकिता की कुछ दिन पहले अपहरण हो गया। इस बात की सूचना पुलिस को दी गयी। पुलिस ने लड़की की बरामदगी किए बगैर ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बेटी की बरामदगी न होने के चलते कलेक्ट्रेट में पूरा परिवार धरना पर बैठ गया है। मामले में जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार से सीबीआई जांच कराने की मांग की। परिजनों ने इलाके में गिरोह के संचालन का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले भी क्षेत्र से कई युवतियां गायब हुई हैं। क्षेत्र से लड़कियों का अपहरण करने के बाद विदेशों में भेजने का कारोबार काफी लम्बे समय से किया जा रहा है। अपहरण करने वालों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज है लेकिन पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है।

प्रशासन के प्रयास रहे असफल

मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुक्रवार को लखनऊ से कन्नौज पहुंची एसटीएफ ने भूख हड़ताल पर बैठे फौजी परिवार से कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुलाकात की और घटना के बारे में गहन जानकारी ली। वहीं फौजी परिवार से भूख हड़ताल समाप्त करने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा किए गए प्रयास असफल रहे। सदर उप जिलाधिकारी श्रष्टि धवन, क्षेत्राधिकारी पुलिस श्रीकान्त प्रजापति की मौजूदगी में भूख हड़ताल के दूसरे दिन सीएचसी अधीक्षक डा0 गीतम सिंह, डा0 नितिन वैश्य ने भूख हड़ताल पर बैठी फौजी की पत्नी रमादेवी, बहू प्रगति और मामा लालजी का डॉक्टरी परीक्षण किया। फिलहाल उनके शरीर में पानी की कमी पाई गई है।

पकड़े गए ट्रक चालक और उसका साथी

हालांकि, चिकित्सक ने गर्भवती महिला के भूख हड़ताल पर रहने से उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मृत्यु होने की आशंका जाहिर की है। लेकिन फौजी परिवार युवती की बरामदगी से पहले भूख हड़ताल खत्म करने को तैयार नहीं है।घटना की रिपोर्ट करीब 65 दिन पहले थाना सौरिख में दर्ज की गई। 25 मई 2018 को अपने कस्बा सौरिख स्थति घर के बाहर मौजूद 19 वर्षीय अंकिता को कुछ लोग जबरन एक ट्रक पर उठाकर ले गए। दर्ज कराई गई रिपोर्ट में मुख्य आरोपी महीम मियां सहित ट्रक चालक व एक अन्य को पुलिस ने पकड़ा था। इसके बाद उपरोक्त ट्रक व घटना में इस्तेमाल की गई महीम मियां की क्रेटा कार भी बरामद की थी।

दो महीने बाद भी नहीं मिला न्याय

आरोपियों ने अपहरण की बात स्वीकारी थी लेकिन इसके बाद भी उन्हें जमानत मिल गयी। लापता युवती का कोई पता नहीं लग पाया। दो माह तक फौजी परिवार दर-दर भटकता रहा और अपनी बेटी की तलाश के लिए गुहार लगाता रहा।