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RSS की बड़ी तैयारी! प्रांत-क्षेत्र का नाम बदलकर संभाग-राज्य, 15 मार्च से लागू होगी नई संरचना

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपनी संगठनात्मक संरचना में बदलाव करने जा रहा है। प्रांत और क्षेत्र की जगह अब संभाग और राज्य शब्द का उपयोग होगा।

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RSS chief Mohan Bhagwat

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ((File Photo/ANI)

RSS Organizational Change: कानपुर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) की संगठनात्मक संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। यह बदलाव 15 मार्च से लागू होगा। इसकी आधिकारिक घोषणा 13 मार्च से हरियाणा में शुरू होने वाली अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के तुरंत बाद की जाएगी। नई संरचना में 'प्रांत' की जगह अब संभाग और 'क्षेत्र' की जगह राज्य शब्द का इस्तेमाल होगा। साथ ही पदों के नाम भी बदल जाएंगे। प्रांत प्रचारक की जगह संभाग प्रचारक और क्षेत्र प्रचारक की जगह राज्य प्रचारक कहा जाएगा।

कानपुर प्रांत का उदाहरण समझिए

वर्तमान में कानपुर प्रांत में झांसी तक का क्षेत्र शामिल है। नए बदलाव के बाद इसे दो हिस्सों में बांट दिया जाएगा। पहला होगा कानपुर संभाग और दूसरा झांसी संभाग। झांसी संभाग में बुंदेलखंड के सभी जिले रखे जाएंगे। फिलहाल तीन क्षेत्र इकाइयां चल रही हैं - पूर्वी क्षेत्र, पश्चिमी क्षेत्र और उत्तराखंड क्षेत्र। अब इन तीनों को मिलाकर एक ही राज्य इकाई बनाई जाएगी। इस नए राज्य का प्रमुख राज्य प्रचारक होगा, जो इन तीनों क्षेत्रों की देखरेख करेगा।

प्रतिनिधि सभा के लिए कानपुर से पदाधिकारी रवाना

इस अहम बैठक में हिस्सा लेने के लिए संघ के सभी प्रांत स्तरीय पदाधिकारियों को हरियाणा बुलाया गया है। कानपुर से प्रांत प्रचारक, प्रांत संघ चालक, प्रांत प्रचारक प्रमुख, सह प्रांत प्रचारक जैसे कई बड़े पदाधिकारी बुधवार को शहर से सभा में शामिल होने के लिए गए हैं।

लंबे समय बाद हो रहा संरचनात्मक बदलाव

प्रतिनिधि सभा में दो दिनों तक कई सत्र चलेंगे। 15 मार्च को पदाधिकारियों के काम की समीक्षा होगी और राष्ट्रीय स्तर पर उनके स्थानांतरण व पद बदलने की जानकारी दी जाएगी। संघ की इस संरचना में बदलाव कई सालों बाद किया जा रहा है। संघ के शताब्दी वर्ष में यह कदम उठाया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग संघ से जुड़ सकें और संगठन की पकड़ मजबूत हो। करीब पांच महीने पहले सह सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जब कानपुर आए थे, तब उन्होंने पदाधिकारियों से ऐसे बदलाव के लिए तैयार रहने की बात कही थी।

भाजपा में बदलाव से पहले संघ की तैयारी

भाजपा की क्षेत्रीय और जिला इकाइयों में बदलाव की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन संघ ने अपनी संरचना और पदाधिकारियों के बदलाव की प्रक्रिया पहले शुरू कर दी। इस पर लंबे समय से काम चल रहा था। भाजपा जिला कार्यकारिणी के लिए जिला पर्यवेक्षकों ने नामों की सूची प्रदेश महामंत्री संगठन को सौंप दी है। लेकिन प्रदेश संगठन मंत्री संघ से जुड़े होने के कारण उन्हें भी प्रतिनिधि सभा में बुलाया गया है। इसलिए जिला कार्यकारिणियों की सूची 15 मार्च के बाद जारी होने की संभावना है। यह बदलाव संघ को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।