21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अगर छह माह पहले होता निकाय चुनाव, तो नहीं हो पाता यह कमाल

पहली बार चुनाव मैदान में उतरे शैलेन्द्र अब कन्नौज नगर पालिका की कमान संभालेंगे।  

2 min read
Google source verification
shalendra

Shalendra

कन्नौज. अगर छह माह पहले निकाय चुनाव होता तो शायद शैलेंद्र अग्निहोत्री की रिकार्ड जीत के साथ यह कमाल नहीं हो पाता। हम आपको बताते चले कि जिले में सबसे ज्यादा वोटों से जीत हासिल करने वाले शैलेंद्र अग्निहोत्री वंदेमातरम के नाम कम उम्र में चेयरमैन बनने का कीर्तिमान भी जुड़ गया है। 30 साल की उम्र में पहली बार चुनाव मैदान में उतरे शैलेन्द्र अब कन्नौज नगर पालिका की कमान संभालेंगे। उनकी किस्मत ने भी पूरा साथ दिया। अगर छह माह पहले निकाय चुनाव होते तो वह मैदान में नहीं उतर पाते। नामांकन कराने के दौरान उनकी उम्र महज 30 साल कुछ दिन की रही। पहले ही प्रयास में चुनाव जीतने के बाद वह तीन नगर पालिका व पांच नगर पंचायत क्षेत्रों में सबसे कम उम्र वाले अध्यक्ष बने हैं।
ये भी पहली बार में चुनाव जीते


पहली बार चुनाव लड़कर जीतने की उपलब्धि कई प्रत्याशियों को मिली है। इसमें सिकंदरपुर नगर पंचायत से निर्दलीय उर्वशी दुबे, समधन नगर पंचायत से बसपा की रूबीना बेगम, तालग्राम नगर पंचायत से निर्दलीय कुसमा देवी, सौरिख नगर पंचायत से संजय चतुर्वेदी व गुरसहायगंज नगर पालिका परिषद से बसपा के धीरेंद्र आर्य के नाम शामिल हैं।


ये हैं इनकी शैक्षिक योग्यताएं

आठ निकाय क्षेत्रों में हाईस्कूल से लेकर परास्नातक शिक्षा पाने वाले जीतकर सदन में पहुंचे हैं। नगर पालिका कन्नौज से जीतने वाले शैलेंद्र इंटरमीडिएट पास हैं तो गुरसहायगंज के धीरेंद्र ने स्नातक तक पढ़ाई की है। छिबरामऊ के राजीव दुबे परास्नातक हैं। नगर पंचायतों में सिकंदरपुर से चुनी गईं उर्वशी परास्नातक हैं तो तालग्राम की कुसुमा ने इंटर किया है। समधन की रूबीना व तिर्वागंज की मीरा स्नातक तक पढ़ी हैं। सौरिख के संजय ने हाईस्कूल तक पढ़ाई की है।


चुने गए अध्यक्ष व उनकी उम्र


अध्यक्ष निकाय क्षेत्र उम्र (वर्ष में)


शैलेंद्र अग्निहोत्री कन्नौज सदर 30


धीरेंद्र आर्य गुरसहायगंज 46


राजीव दुबे छिबरामऊ 55


उर्वशी दुबे सिकंदरपुर 36


कुसुमा देवी तालग्राम 47


रूबीना बेगम समधन 37


मीरा देवी तिर्वागंज 47


संजय चतुर्वेदी सौरिख 42