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शहीद प्रदीप का पार्थिव शरीर पहुंचा उनके पैतृक गांव, पिता का शव देखकर बेटी बोली – मत जाओ पापा

कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में कन्नौज के लाल इंदरगढ़ के सुखसेनपुर निवासी जवान प्रदीप सिंह यादव शहीद हो गए।

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कन्नौज. कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में कन्नौज के लाल इंदरगढ़ के सुखसेनपुर निवासी जवान प्रदीप सिंह यादव शहीद हो गए। शहीद का पर्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंच चुका है। उनका पर्थिव शरीर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव वालों ने फूल माला बरसा कर उन्हें श्रद्धांजली दी। जिले में शोक की लहर दौड़ गई। गांव में भी मातम का माहौल है।

थाना इंदरगढ़ के अजान-सुखसेनपुर निवासी प्रदीप सिंह यादव सीआरपीएफ में थे। गुरुवार को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में साथियों के साथ प्रदीप भी शहीद हो गए। प्रदीप सिंह यादव श्रीनगर में 115 बटालियन में सिपाही थे। चार दिन पहले छुट्टी गुजार कर लौटे थे। एक मकान कानपुर के बारा सिरोही में है। वहां पत्नी नीरज देवी और दो बेटियां 10 वर्षीय सुप्रिया यादव और ढाई साल की सोना यादव हैं। 10 फरवरी को परिवार से विदा होकर वह जम्मू रवाना हुए थे। 11 जनवरी को वह जम्मू पहुंचे।

बेटी ने कहा था, मत जाओ पापा

प्रदीप का परिवार कानपुर में कल्याणपुर के बारासिरोही में रहता है। उनकी दो बेटियां सुप्रिया(10) व छोटी (2) हैं। परिवार के साथ ही प्रदीप का मौसेरा भाई सोनू भी रहता है। सोनू ने बताया कि छुट्टी खत्म होने पर 10 फरवरी को वह जम्मू रवाना हुए थे। 11 जनवरी को वह जम्मू पहुंचे। बुधवार सुबह भी उन्होंने घर पर फोन किया था। आखिरी बार भाभी से ही बात की थी। करीब 10 मिनट ही बात हुई थी। पत्नी ने बताया कि प्रदीप दो साल की बेटी छोटी से बेहद प्रेम करते थे। 10 मिनट की हुई बातों में उन्होंने करीब सात मिनट तो सिर्फ छोटी के साथ बिताए पलों को याद किया और उसकी हर अठखेलियों को याद कर खुद गुदगुदाया भी, लेकिन सोचा नहीं था, यह फोन पर की हुई बात आखिरी होगी। पत्नी ने बताया वापिस जाते समय बेटी ने पापा से कहा था कि अभी मत जाओ। पिता ने जल्द ही दोबारा वापिस आने का वादा किया था। पर वह वादा अब पूरा नहीं कर पाएंगे।