
फोटो सोर्स- कन्नौज प्रशासन
Social Welfare Minister spoke on UGC law: कन्नौज यूनिवर्सिटी कैंपस में यूजीसी बिल लागू करने के संबंध में राज्य मंत्री समाज कल्याण विभाग ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यूजीसी कानून को संतुलित करने की आवश्यकता है। उन्होंने इस बात को भी स्वीकार किया कि यूनिवर्सिटी कैंपस में भेदभाव होता है, लेकिन यह केवल जाति के आधार पर नहीं, अन्य मामलों में भी होता है। असीम अरुण पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। दरअसल यूनिवर्सिटी कैंपस में यूजीसी कानून लागू होने के बाद देशव्यापी व्यापी आंदोलन हुआ था। अधिवक्ताओं से लेकर छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। विरोध प्रदर्शन ने बड़ा रूप ले लिया था। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा था।
उत्तर प्रदेश के कन्नौज पहुंचे समाज कल्याण विभाग के राज्य मंत्री स्वतंत्र परिवार असीम अरुण ने कहा कि यूजीसी कानून को संतुलित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह नियम पहले भी था। यूनिवर्सिटी कैंपस में भेदभाव होता है। यह केवल जाति के आधार पर नहीं बल्कि भाषा, धर्म और स्त्री-पुरुष का भेदभाव हो सकता है। इन भेदभाव को दूर करने के लिए यह कानून बनाया गया है। कानून में एक कमी नजर आई है। यदि कोई झूठी शिकायत करता है तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी? उनकी व्यक्तिगत राय है कि ऐसे लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए जो झूठी शिकायत करते हैं। इसके बाद यह कानून पूरी तरह से संतुलित होगा।
असीम अरुण ने कहा कि सोलर पंप के माध्यम से किसानों की बिजली की समस्या दूर होगी। गर्मी के दिनों में मक्का की खेती की जाती है, जिसमें सिंचाई के लिए बिजली की जरूरत पड़ती है। गर्मी में बिजली की कमी से किसानों को जूझना पड़ता है। इसके लिए सरकार सोलर पंप योजना चला रही है, जिसके माध्यम से सोलर पंप सब्सिडी में उपलब्ध है। इसकी खास बात यह है कि इसे मोटरसाइकिल या ट्रैक्टर में बांधकर खेत ले जाया जा सकता है। गर्मी के दिनों में सोलर पंप किसानों की फसल के लिए पानी की समस्या दूर करने में बड़ी भूमिका अदा करेगा।
Published on:
22 Feb 2026 12:09 pm
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