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बेहोश करने के बाद गुप्तांग में डाल दिया समूचा गिलास, डाक्टर्स ने बचाई जान

गुप्तांग में दर्द का अहसास हुआ तो उन्होंने समझा कि बदमाशों ने कोई डंडा डाल दिया होगा। इसी शर्म के कारण उन्होंने किसी को गुप्तांग में दर्द के बारे में नहीं बताया।

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कन्नौज. क्या उम्मीद करेंगे कि किसी के गुप्तांग में स्टील का समूचा गिलास कोई डाल सकता है। ऐसा मामला कानपुर के मंधना इलाके में सामने आया है। बदमाशों ने सरेराह रोककर पहले तो मारा-पीटा और लूटने के बाद उसके गुप्तांग में स्टील का गिलास डाल दिया, जोकि सरककर आंतों तक पहुंच गया। लाज-शर्म के कारण उसने किसी को यह बात नहीं बताई तो समस्या बढऩे लगी। कुछ दिन बाद पेट में जबरदस्त दर्द होने लगा और गुदा द्वार से मवाद निकलने लगा। परिजनों ने अस्पताल में दिखवाया तो मालूम हुआ कि पेट के अंदर स्टील का गिलास पड़ा है। पूछताछ के बाद उसने बदमाशों की करतूत बताई। बताया कि उसे इज्जत लूटने का अंदेशा था, इसलिए गुप्तांग के रास्ते गिलास डालने का विचार ही नहीं आया।


दस दिन पहले बदमाशों ने किया था शर्मनाक काम

औरैया के दिबियापुर के रामदीन (62) कन्नौज मेडिकल कालेज में सिक्योरिटी गार्ड हैं। रामदीन के मुताबिक, दस दिन पहले नौकरी से घर लौटते समय रास्ते में बदमाशो ने उसे घेरकर लूटा था। जेब की तलाशी में ज्यादा माल बरामद नहीं होने पर बदमाशों ने उसे जमकर पीटा और बेहोश होने के बाद छोडक़र चले गए थे। होश आने के बाद रामदीन को गुप्तांग में दर्द का अहसास हुआ तो उन्होंने समझा कि बदमाशों ने कोई डंडा डाल दिया होगा। इसी शर्म के कारण उन्होंने किसी को गुप्तांग में दर्द के बारे में नहीं बताया।


दर्द से कराहते रहे रामदीन, अल्ट्रासाउंड में दिखा गिलास

लूट की घटना के बाद शरीर के अन्य जख्म तो दूर हो गए, लेकिन गुप्तांग का दर्द बढ़ता गया। पेट दर्द से रामदीन कराहते रहे, ऐसे में परिजनों ने कन्नौज मेडिकल कालेज में इलाजा कराया, लेकिन सुविधाएं नहीं मिलने के कारण कानपुर के मंधना स्थित रामा मेडिकल कालेज पहुंच गए। यहां अल्ट्रासाउंड हुआ तो रिपोर्ट देखकर डाक्टर्स चौंक गए। रामदीन के पेट में आंतों में फंसा स्टील का गिलास नजर आया। इसके बाद रामदीन से पूछताछ हुई तो उन्होंने बदमाशों की हरकत के बारे में बताया।


गुप्तांग से नहीं निकला तो पेट चीरकर निकाला गिलास

रामा मेडिकल कालेज के सीनियर सर्जन डॉ. दिनेश ने पहले रामदीन के गुप्तांग के रास्ते गिलास निकालने का प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हुए। ऐसे में 27 जून को डॉ. राजीव कुमार, डॉ. अमित, डॉ. रोहित और डॉ. आशीष के साथ मिलकर ऑपरेशन के जरिए पेट में चीरा लगाकर रामदीन की आंतों में उलझा गिलास बाहर निकाला। दो घंटे चले ऑपरेशन के बाद रामदीन की बीते दिवस अस्पताल से छुट्टी कर दी गई है। डाक्टर्स ने बताया कि बदमाशों ने गिलास उल्टा डाला था, इसलिए जख्म नहीं हुए। यदि सीधा गिलास डाला गया होता तो धार के कारण आंतों के फटने का खतरा था।