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गर्भवती पत्नी को बचाने के लिए पति ने उठाया ऐसा कदम, सुन सभी रह गए हैरान, फिर पुलिस ने जो किया उसकी जमकर हो रही तारीफ

गर्भवती पत्नी को बचाने के लिए पति ने उठाया ऐसा कदम, सुन सभी रह गए हैरान, फिर पुलिस ने जो किया उसकी जमकर हो रही तारीफ

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गर्भवती पत्नी को बचाने के लिए पति ने उठाया ऐसा कदम, सुन सभी रह गए हैरान, फिर पुलिस ने जो किया उसकी जमकर हो रही तारीफ

कन्नौज. जिले से एक सनसनी खेज और हृदय विदारक मामला सामने आया है जहां एक वेवश और लाचार पिता ने अपने ही कलेजे के टुकडे का महज 25 हजार रुपये में सौदा कर दिया ताकि वह अपनी 7 माह की गर्भवती पत्नी का इलाज करा सके। अपनों की जान बचाने के लिए आपने मकान और जमीन बेंचते तो सुना होगा, लेकिन बेटे को बेंचते हुए शायद ही किसी न सुना हो। गरीबी और लाचारी में एक युवक ने ऐसा ही कदम उठा लिया। पांच हजार रुपये के लिए मामला फंसने पर लोगों को शक हुआ तो पुलिस को सूचना दी। मामला खुला तो पुलिस ने पीड़ित की आर्थिक मदद देकर महिला का इलाज शुरू कराया।

25 हजार रुपये की हुई मांग

जनपद कन्नौज के सौरिख थानाक्षेत्र के गांव बरेठी दारापुर निवासी अरविंद बंजारा बेहद गरीब है। उसकी एक चार वर्ष की एक बेटी रोशनी और एक साल का बेटा जानू है। पत्नी सुखदेवी सात माह से गर्भवती है। बुधवार सुबह सुखदेवी को अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। इससे वह पत्नी को सौ सैय्या जिला अस्पताल ले गया। जहां चिकित्सकों ने उसके शरीर में बेहद कम खून पाया। इससे उसे रेफर कर दिया। इसके बाद अरविंद बंजारा पत्नी को लेकर जिला अस्पताल कन्नौज ले आया। जहां उसे भर्ती नहीं किया गया। अरविंद ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में नर्सो ने उससे 25 हजार रुपये की मांग की।

बेटे को बेंचने का किया फैसला

पैसे न होने पर वह पत्नी को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचा। जहां सुखदेवी की नाजुक हालत देखकर चिकित्सकों ने भर्ती नहीं किया। पत्नी के इलाज के लिए पैसे न होने पर अरविंद ने अपने एक वर्षीय बेटे जानू को बेंचने का फैसला कर लिया। पत्नी और बच्चों के साथ मेडिकल कॉलेज के गेट पर आकर एक युवक से सौदा करने लगा। अरविंद ने पत्नी और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की जान बचाने के लिए 30 हजार रुपये में बच्चे को बेंचने की बात कही, लेकिन खरीदार 25 हजार रुपये देने को राजी हुआ।

पुलिस ने बढाए मदद के हाथ

खरीदार अपनी पत्नी से बच्चे को खरीदने की राय लेने घर चला गया। तभी कुछ लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। इससे मौके पर पहुंचे मेडिकल कॉलेज चौकी प्रभारी बृजेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ पहुंच गए और अरविंद व उसकी पत्नी से पूछताछ की। अरविंद ने बताया कि वह बेहद गरीब है। पत्नी और पेट में पल रहे बच्चे को बचाने के लिए उसने अपने बेटे को बेंचने का फैसला लिया था। इसके बाद चौकी प्रभारी ने गंभीर हालत में सुखदेवी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। चौकी प्रभारी ने सुखदेवी के इलाज में खर्च होने वाले पैसों की जिम्मेदारी ली।