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टाटा ट्रस्ट और बिल गेट्स फाउंडेशन कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप को देंगे १०० करोड़

आईआईटी स्टार्टअप कंपनियों को देगा तकनीकी मदद १२ करोड़ से होगी एग्री स्टार्टअप इंक्यूबेशन सेंटर की स्थापना

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टाटा ट्रस्ट और बिल गेट्स फाउंडेशन कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप को देंगे १०० करोड़

कानपुर। बिल गेट्स फाउंडेशन और टाटा ट्रस्ट ने मिलकर कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने का फैसला किया है। इसके लिए वे स्टार्टअप कंपनियों में १०० करोड़ रुपए का निवेश करेंगे। इतना ही नहीं स्टार्टअप शुरू करने के लिए आईआईटी में एग्री स्टार्टअप इंक्यूबेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी। इसके लिए भी १२ करोड़ रुपए का अनुदान दिया गया है। स्टार्टअप शुरू करने वाली कंपनियों को आईआईटी की ओर से तकनीकी मदद मुहैया कराई जाएगी।

मिलकर काम करेंगे तीनों
आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर बिल गेट्स फाउंडेशन और टाटा ट्रस्ट कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करेंगे। आईआईटी में स्थापित होने वाले एग्री स्टार्टअप इंक्यूबेशन सेंटर में स्टार्टअप कंपनियों को मौका दिया जाएगा। इस सेंटर पर कृषि के क्षेत्र में सुविधाएं, तकनीक, सर्विस, फूड प्रोसेसिंग, सीड विकसित करने का काम भी होगा।

बेस्ट स्टार्टअप को मिलेगी मदद
चयनित किए गए बेस्ट स्टार्टअप आइडिया को उनकी जरूरत के अनुसार लाखों, करोड़ों रुपये की आर्थिक मदद भी दी जाएगी। केंद्र में सरकार के 100 दिन पूरे होने पर संस्थान प्रशासन की तरफ से भव्य कार्यक्रम आयोजित कर देश के मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के हाथों इस परियोजना की शुरुआत करने का प्रस्ताव है।

सीएसए और आईआईटी तैयार करेंगे नई तकनीक
आईआईटी के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत कृषि और किसानों के हालात में सुधार लाने की दिशा में काम किया जाएगा। सीएसए के कृषि वैज्ञानिकों की मदद भी ली जाएगी। कृषि वैज्ञानिकों के साथ आईआईटी के वैज्ञानिक और छात्र मिलकर नई तकनीक तैयार करेंगे। किसानों की समस्याएं पता करने के बाद उसके निस्तारण की प्रक्रिया पर काम होगा।

मांगे जाएंगे आवेदन
आईआईटी में स्थापित होने वाले इस एग्री इंक्यूबेशन सेंटर में केवल आईआईटी के छात्रों को ही मौका नहीं दिया जाएगा, बल्कि कोई भी यहां आवेदन कर तकनीकी और आर्थिक मदद हासिल कर सकेगा। प्रो. करंदीकर ने बताया कि समय-समय पर अच्छे स्टार्टअप को अनुदान देने के लिए आवेदन मांगे जाएंगे। विशेषज्ञों की कमेटी बेस्ट आइडिया को चयनित करेगी और उन्हें फिर उन्हें मदद दी जाएगी।