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पुलिस लाइन में बुखार ने दी दस्तक, 300 पुलिसवाले पड़े बीमार

शहर में डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया के चलते जहां नेता, पब्लिक परेशान थी, वहीं अब खाकीधारी भी हलकान है।

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Abhishek Gupta

Sep 15, 2016

Chikungunya

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विनोद निगम.
कानपुर. शहर में डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया के चलते जहां नेता, पब्लिक परेशान थी, वहीं अब खाकीधारी भी हलकान है। कानपुर की पुलिस लाइन में बुखार ने दस्तक दे दी है, जिसके चलते 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी बीमार पड़ गए हैं। बीमार पुलिसकर्मियों का इलाज शहर के कई अस्पतालों में चल रहा है। डॉक्टरों ने खून की जांच करवाई, जहां 40 पुलिसवाले डेंगू की चपेट में है, वहीं आठ पुलिसवालों को चिकनगुनिया है। पुलिस लाइन में इतने बडे पैमाने पर पुलिसवालों को बीमार पड़ जाने से हड़कंम मचा हुआ है। आधे से ज्यदा पुलिसकर्मियों ने एसएसपी से अवकाश पर जाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है।
एसएसपी ने नगर निगम के साथ ही थानों की साफ-सफाई के निर्देश दिए हैं।

40 लाख की आबादी वाले कानपुर नगर में बुखार ने एक माह पहले दस्तक दे दी थी। लेकिन स्वास्थ्य महकमे ने शुरूआती चरण में कोई ठोस कदम नहीं उठाए, जिसके चलते अब स्थित विकराल रूप धारण कर चुकी है। उर्सला, हैलट और केपीएम अस्पताल पुरी तरह बुखार से ग्रसित मरीजों से पटे पड़े हैं। पुलिस लाइन में बने अस्पताल में तीन दर्जन से ज्यादा पुलिसवाले अपना इलाज करा रहे हैं, वहीं कुछ प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं। इसके अलावा जिले के पांच एसओ और एक सीओ को भी डेंगू ने अपनी चपेट में ले लिया है, जिनका इलाज अस्पतलों में चल रहा है।

6 के बाद 300 के पार
पंद्रह दिन पहले पुलिस लाइन पर तैनात 6 पुलिसवालों को डेंगू हुआ था, जिनका इलाज उर्सला में चल रहा है। एसएसपी ने पुलिस लाइन में साफ-सफाई के निर्देश नगर निगम को दिए थे, बावजूद वहां कूड़े-कचरे के ढेर नहीं हटाए गए और पूरी लाइन में महामारी फैल गई। हैलट पर इलाज करवा रहे पुलिसकर्मी नरेंद्र यादव ने बताया कि उसे दो दिन पहले बुखार हआ था। पुलिस लाइन के डॉक्टरों ने इलाज किया, लेकिन आराम नहीं मिला। खून की जांच पर डेंगू की पुष्टि होने के बाद हैलट में मुझे एडमिट कराया गया। पुलिसवालों का कहना है कि पुलिस लाइन में साफ-सफाई न होने के चलते वहां पर मच्छरों का आतंक है।

नहीं हुआ फॉगिंग का डिड़काव
हैलट में एडमिट कांस्टेबेल इकबाल ने बताया कि पुलिस लाइन में मई माह से फॉगिंग का छिड़काव हुआ था, इसके बाद नगर निगम से कोई नहीं आया। इस बारे में हमने आलाधिकारियों को खत लिखकर अवगत कराया था। एसएसपी ने नगर प्रशासन से फॉगिंग के छिड़काव के लिए पत्र लिखा, बावजूद वहां से कोई झांकने नहीं आया। मामले पर एसएसपी शलभ माथुर का कहना था कि नगर पालिका को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन पर सफाई के साथ ही मच्छर मारने वाली दवा का छिड़काव करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी थनाअध्यक्षों से भी थानों की साफ-सपाई करने के लिए कहा गया है।