
इंग्लैंड में अंग्रेजों की खाली थाली तक पहुंच रहीं कानपुर की सब्जियां
कानपुर। कोरोना के खौफ और लॉकडाउन के संकट से परेशान किसानों के लिए अच्छी खबर है। खपत कम होने से खेतों में सड़ रही सब्जियों को बचाने के लिए सरकार ने बड़ी पहल की है। विदेशों से बढ़ रही मांग के कारण कानपुर की सब्जियां विदेशों में निर्यात की जा रही है। इसी क्रम में पहली बार कानपुर से ३९ करोड़ की सब्जियां इंग्लैंड भेजी गई है। केवल कानपुर ही नहीं बल्कि तीन दिन पहले बनारस से भी २१४ करोड़ की सब्जियां इंग्लैंड भेजी जा चुकी हैं। विदेशों में भारी मांग के चलते सरकार के इस कदम से एक ओर विदेशी मुद्रा का देश को लाभ होगा तो किसानों को भी लॉकडाउन में सब्जियों की खपत को लेकर परेशान नहीं होना पड़ेगा।
मांग कम होने से गिर गए दाम
लॉकडाउन में हर ओर बंदी है। सारे होटल और ढाबे बंद पड़े हैं। कानपुर में बड़े से लेकर छोटे होटल और यहां तक कि फुटपाथों पर लगने वाले खान-पान, चाट, फास्टफूड आदि के ठेले भी बंद हैं। सब्जियों की बिक्री केवल घरों में ही हो रही है। जिससे सब्जियों की मांग केवल आधी रह गई है। जिस कारण सब्जियों के भाव औंधे मुंह गिर गए हैं। परेशान किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही हैं। इस विकट परिस्थिति से किसानों को उबारने के लिए सब्जियों का निर्यात किया जा रहा है।
इंग्लैंड में सब्जियों का अकाल
कृषि प्रधान देश होने के कारण इस समय भारत में सब्जियां भरपूर मात्रा में हैं। कानपुर में भी खेतों से उत्पादन हो रहा है और मांग कम होने के कारण थोक मंडियों में भी भरपूर स्टाक है। जबकि दूसरे देशों में स्थितियां खराब हैं। कोरोना से इंग्लैंड भी बुरी तरह प्रभावित है। वहंा अभी तक इस महामारी से 20 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशन (फियो) के सलाहकार वाई एस गर्ग ने बताया कि वर्ष 2020-25 की राज्य कृषि निर्यात नीति के तहत कोरोना के संक्रमण काल में सब्जियों की पहली लाट निर्यात की गई है। इंग्लैंड में हालात अच्छे नहीं हैं और वहां रोजमर्रा की चीजों की किल्लत खड़ी हो गई है। लगातार आ रही मांग के बाद पहली बार सब्जियों को निर्यात करने का फैसला किया गया।
बनारस के बाद कानपुर से हुआ निर्यात
तीन दिन पहले बनारस से 214 करोड़ की सब्जियों का निर्यात किया गया था। इस खेप में कानपुर से 39 करोड़ रुपये की सब्जियां गई हैं। ब्रिटिश एयरवेज का जहाज वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर उतरा। इस खेप में करीब 50 तरह की सब्जियां भेजी गई हैं। वहां पर वाराणसी और कानपुर से सडक़ मार्ग से पहुंची सब्जियों की खेप लोड की गई। एक बड़े बैगेज में करीब 50 तरह की सब्जियां भेजी गईं। जिसमें आलू, प्याज और लहसुन आदि सब्जियों का बड़ा हिस्सा कानपुर की थोक मंडी चकरपुर से भेजा गया है।
भेजी गई यह सब्जियां
बनारस और कानपुर से कुल मिलाकर १00 करोड़ का आलू, 84 करोड़ का प्याज, 05 करोड़ की फलीदार सब्जियां, 08 करोड़ की सेम, फ्रेंच बीन्स, 07 करोड़ के टमाटर, 25 लाख का लहसुन, 01 लाख की गोभी, 51 लाख की बंदगोभी, 50 हजार की मूली-खीरा, 83 लाख का मशरूम, 1.88 करोड़ की शिमला मिर्च, 54 लाख का स्वीट कार्न हवाई मार्ग से इंग्लैंड भेजा गया है।
Published on:
28 Apr 2020 11:40 am
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