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बिकरू कांड: गिरफ्तारी के बाद पुलिस का कहना था कि जय ने ही विकास दुबे को पहुंचाए थे रुपए व कारतूस

-पुलिस ने कहा था कि जय ने बिकरू गांव पहुंचकर विकास दुबे को दिए थे दो लाख रुपए और कारतूस, -चार्जशीट में विकास और जय बाजपेयी के बीच होने वाली बातचीत को साबित करने के लिए लगाई गयी है सीडीआर, -पुलिस का आरोप है कि घटना के बाद विकास व उसके साथियों को भगाने के लिए जय ने पहले से ही लगा रखी थीं गाडियां,

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बिकरू कांड: गिरफ्तारी के बाद पुलिस का कहना था कि जय ने ही विकास दुबे को पहुंचाए थे रुपए व कारतूस

बिकरू कांड: गिरफ्तारी के बाद पुलिस का कहना था कि जय ने ही विकास दुबे को पहुंचाए थे रुपए व कारतूस

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर-बिकरू कांड मामले में कानपुर के ब्रह्मनगर के रहने वाले जयकांत बाजपेई को पुलिस ने घटना की साजिश में शामिल रहने एवं वारदात के लिए विकास दुबे को दो लाख रुपए व कारतूस देने के आरोप में जेल भेजा था। जबकि अपराधी विकास दुबे का ख़ास जयकांत बाजपेयी बिकरू कांड से ठीक एक दिन पूर्व 1 जुलाई को बिकरू गांव नहीं गया था। उसके मोबाइल लोकेशन से जानकारी मिली है। उसकी लोकेशन एक जुलाई को बिल्हौर में थी। जबकि गिरफ्तारी के समय पुलिस ने कहा था कि जय ने बिकरू गांव पहुंचकर विकास दुबे को दो लाख रुपए और कारतूस दिए थे।

उस दौरान पुलिस का कहना था कि जय अपने साथी प्रशांत शुक्ला के साथ एक जुलाई को बिकरू गया था। तब उसने विकास को कारतूस व रुपए दिए थे। वहीं उसकी लोकेशन न मिलने का पता चला है। लोकेशन न मिलने के कारण अब प्रश्न यह उठता है कि आखिर जय ने रुपए और कारतूस विकास तक किस तरह और कब पहुंचाए। अब इस पर पुलिस के अफसर बयान से बचते नजर आ रहे हैं। उनके मुताबिक ये विवेचना का पार्ट है, जो कि गोपनीय है।

ऐसे में प्रश्न खड़ा होता है कि क्या जय बाजपेयी मोबाइल को कहीं और छोड़ गया था और उसके बाद बिकरू गया था। या तो फिर रुपए और कारतूस का लेनदेन किसी और जगह हुआ। कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में विकास और जय बाजपेयी के बीच होने वाली बातचीत को साबित करने के लिए सीडीआर लगाई गयी है। पुलिस का यह आरोप है कि घटना के बाद विकास व उसके साथियों को भगाने के लिए जय ने पहले से ही गाडियां लगा रखी थीं।