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एसएनके समूह के बाद अब दूसरे पान मसाला ग्रुप्स पर पैनी नजर, जीएसटी इंटेलिजेंस के पास पूरी डिटेल

जीएसटी अफसरों ने दूसरे पान मसाला समूहों ने की जानकारी भी जुटा रखी है। जीएसटी अफसरों के पास दूसरे पान मसाला समूहों की पूरी डिटेल उपलब्ध है।

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एसएनके समूह के बाद अब दूसरे पान मसाला ग्रुप्स पर पैनी नजर, जीएसटी इंटेलिजेंस के पास पूरी डिटेल

एसएनके समूह के बाद अब दूसरे पान मसाला ग्रुप्स पर पैनी नजर, जीएसटी इंटेलिजेंस के पास पूरी डिटेल

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. एसएनके पान मसाला ग्रुप्स पर आयकर के बाद जीएसटी अफसरों ने छापेमारी की। वहीं अब जीएसटी की नजरें अन्य पान मसाला ग्रुप्स पर तेज हैं। इससे दूसरे पान मसाला समूहों में हलचल तेज हो गई है। जीएसटी अफसरों ने दूसरे पान मसाला समूहों ने की जानकारी भी जुटा रखी है। जीएसटी अफसरों के पास दूसरे पान मसाला समूहों की पूरी डिटेल उपलब्ध है। अनुमान लगाया जा रहा है कि कभी भी दूसरे समूहों पर कार्रवाई शुरू हो सकती है। पान मसाला कारोबारियों में इसको लेकर भय व्याप्त है।

दरअसल जीएसटी इंटेलीजेंस के अफसरों ने सोमवार को एसएनके पान मसाला कारोबारी के कार्यालय पर छापेमारी की थी। जीएसटी टीम ने दिल्ली में पान मसाला के पाउच बनाने वाली एक कंपनी की जांच की, जहां से उसे कानपुर की कंपनी को माल बेचने के तार जुड़े मिले। इस पर टीम ने तत्काल डिटेल जुटाकर छापा मारा। मेरठ की जीएसटी इंटेलीजेंस टीम कानपुर आई और एसएनके ग्रुप की पनकी स्थित फैक्ट्री में कागजों की जांच की। अधिकारियों ने देखा कि कितना माल कंपनी ने कहां-कहां से खरीदा और कहां बेचा गया। अधिकारियों ने इनपुट टैक्स क्रेडिट की डिटेल भी चेक कीं। इसके बाद गड़बड़ी पाए जाने पर मंगलवार को कंपनी के मालिक नवीन कुरेले और कंपनी के निदेशक अविनाश मोदी की गिरफ्तारी की गई थी।

जीएसटी अफसरों के मुताबिक दिल्ली की जिस कंपनी की जांच की गई थी, वह पान मसाला बनाने वाली कई कंपनियों को सप्लाई करती है। वहां से मिले आंकड़ों के अनुसार आधा दर्जन से अधिक पान मसाला कंपनियों पर जीएसटी इंटेलीजेंस की नजर है। इसमें से दो और पान मसाला कंपनियां कानपुर से जुड़ी हुई हैं। टीम ने दिल्ली की कंपनियों से खरीदे जाने वाले पैकिंग मैटीरियल का ब्योरा जुटाया है। अब जांच के आधार पर पता करेगी कि खरीदे जाने वाले पैकिंग मैटीरियल के अनुसार ही बिक्री दर्शायी जा रही है या कुछ गड़बड़ी की जा रही।

वहीं जीएसटी इंटेलीजेंस की छापेमारी के बाद से पान मसाला कारोबारियों में अफरा-तफरी का माहौल है। एक कंपनी पर छापे के दौरान मिले सप्लाई के आंकड़ों से अधिकारियों ने सभी पान मसाला कंपनियों की उत्पादन क्षमता का अनुमान लगा लिया है। अब वे देख रहे हैं कि जो पैकेजिंग मैटेरियल उन्होंने खरीदा, उसके इस्तेमाल के बाद उतनी बिक्री कागजों में दिखाई भी गई है कि कम या ज्यादा। पान मसाला कारोबार में बहुत बड़ा हिस्सा बिना टैक्स के निकाल दिया जाता है। एसएनके के बाद भी दो बड़े पान मसाला समूहों पर विभागीय अधिकारियों की कार्रवाई जल्द शुरू होने की आशंका है।