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कानपुर

ये जिला बना शराब माफियाओं का जोन, फिर पकड़ी करोड़ों की अवैध शराब, नहीं पकड़ा जाता तो सिर्फ ये

आये दिन यहाँ पुलिस द्वारा शराब का बडा जखीरा पकडे जाने के बावजूद मुख्य आरोपी के न पकडे जाने से पुलिस पर सवालिया निशान खडे हो रहे हैं।

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कानपुर देहात-आये दिन कानपुर देहात में दूसरे प्रांत की शराब का बड़ा जखीरा कानपुर देहात की पुलिस के हत्थे चढ़ रहा है। बावजूद इसके गोरखधंधे के लिए अवैध अंग्रेजी शराब का आवागमन नहीं थमा रहा हैं। बेखौफ होकर शराब माफिया हरियाणा व चंडीगढ़ ब्रांड की शराब की तस्करी कर रहे हैं। कानपुर देहात पुलिस की सतर्कता के चलते आज फिर जिले की पुलिस के हाँथ भारी मात्रा में अवैध शराब के साथ एक आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में आ गया। पकड़ी गई 988 पेटी अंग्रेजी शराब की कीमत लगभग एक करोड 75 लाख बताई जा रही है। यह वह शराब है, जो बिहार और गुजरात में सप्लाई की जाती है। जिन प्रदेशों में शराब बंद है, वहां पर यह शराब महंगे दामों में बेची जाती है। इसका खेल बहुत ही बड़े पैमाने पर किया जाता है। यही कारण है कि शराब तो हर बार पकड़ी जाती है, गाड़ियां भी पकड़ी जाती है, गाड़ियों में बैठे लोग पकड़े जाते हैं, लेकिन इस कारोबार का मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से हमेशा दूर रहता है।

 

दरअसल कानपुर देहात की भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र की पुलिस ने सूचना पर एक ट्रक में लोड 988 पेटी हरियाणा की अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की। जिसकी कीमत एक करोड 75 लाख रुपए बताई जा रही है। जिसमें एक आरोपी भी पकड़ा गया है। ये भी जानकारी मिली कि हरियाणा से बिहार और गुजरात तक शराब पहुंचाने में प्रति चक्कर ट्रक चालक को 20 से 30 हजार रुपये मिलता है। वही अवैध शराब में प्रयोग की जाने वाली गाड़ियों का नंबर भी फर्जी होता है और गाड़ियां भी वह चोरी की होती है। वहीं पुलिस का कहना है कि इन गाड़ियों को जब लोकेशन मिलता है, तभी ये गाड़ियां आगे उस रूट पर चलती है। इनको कहां पर खाना खाना है, कहां पर रुकना है, इनकी जगह पहले से तय होती है और इनको एक सीयूजी मोबाइल भी दिया जाता है, जो मालिक और ड्राइवर के बीच में वार्ता करने के लिए होता है। उसी सीयूजी नंबर पर मालिक इनको लोकेशन देता है। फिर उसी लोकेशन के अनुसार यह शराब के जखीरा को इधर से उधर पहुंचाने का काम करते हैं।

 

पकड़ी गई शराब सभी ब्रांडेड कंपनी की है। सवाल इस बात का है कि आखिरकार बार बार इसी जगह आखिरकार शराब का जखीरा क्यों पकड़ा जाता है। हाल में पुलिस ने 4 करोड 14 लाख शराब पकड़ी थी, जिसमें शराब माफिया ने पुलिस की ही पोल खोलकर रख दी थी। दरअसल यहाँ की पुलिस को गुडवर्क के चक्कर मे दूसरे जिले की शराब को कानपुर देहात में दिखाकर गुडवर्क करके वाहवाही लूटती है। बहरहाल पुलिस भले ही अवैध शराब पकड़ कर वाहवाही लूटने में लगी है लेकिन कहीं ना कहीं पुलिस के साए में यह अपराध फलता फूलता रहता है। यही कारण है कि आज तक इसका मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और हर बार शराब और ट्रक चालक ही पकड़े जाते हैं। ट्रक चालक को पुलिस जेल भेजकर अपना पल्ला झाड़ लेती है और वाहवाही भी लूट लेती है। उधर मुख्य आरोपी अपनी अगली तैयारी में जुट जाता है।