इस ब्लैक बॉक्स का के निर्माण के लिए देश की एचएएल कोरवा, आरसीएमए कोरवा, डीजीएक्यूए कोरवा, एनएसटीएल, एचएएल कानपुर, वीसीबी इलेक्ट्रानिक पुणे, गुडरिच इंडस्ट्रीज पनकी और एचएल इनफोटेक बंगलुरू की कंपनियों का भी अहम योगदान रहेगा। डीएमएसआरडीई के महाप्रबंधक ने बताया कि ब्लैक बॉक्स को बनाने के लिए दो माह पहले डिफेंस मंत्रालय की ओर से पत्र मिला था। जिस पर हमने इस ब्लैक बॉक्स का निर्माण करने के लिए काम शुरू कर दिया था। अप्रैल 2017 तक हम मेक इन इंडिया के तहत इस बॉक्स को बना लेंगे फिर इसका परीक्षण किया जाएगा। बताया, फ्लाइट डाटा रिकार्डर बेहद मजबूत होगा, अगर तीन मीटर ऊंचाई से 230 किलोग्राम वजन की वस्तु इस यंत्र पर गिरेगी तो भी यह नहीं टूटेगा।