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अकबर की मौत पर रो पड़ा शहर, जनाजे में उमड़ी सैकड़ों की भीड

जू के बाड़े में बाघिन ने चार शावकों को दिया था जन्म, हार्ट अटैक के चलते एक की मौत

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अकबर की मौत पर रो पड़ा शहर, जनाजे में उमड़ी सैकड़ों की भीड

कानपुर। पिछले सात दिनों से जू अस्पताल में वेंटीलेटर पर चल रहे बाघिन त्रुशा के बेटे अकबर (14) की हृदय गति रूक जाने से मौत हो गई। जिसके चलते जू के अधिकारी, कर्मचारी च दर्जनों दर्शक रो पड़े और दाहसंस्कार के वक्त मौजूद रहे। डॉक्टर आरके सिंह ने बताया कि हमलोगों ने अकबर शावक को बचाने के लिए अपनी तरफ से हर तीर आलमाए, लेकिन उसे बचा नहीं पाए। हमारे व जू के जिए अकबप की मौत बहुत बड़ा अघात है।
सात दिनों से चल रहा था बीमार
जू के बाड़े में अपने अमर, अकबर, एंथोनी और अंबिका नाम के चार शावकों को त्रुशा बाघिन ने जन्म दिया था। चारो शावक पूरी तरह से फिट थे और दर्शकों उनकी एक झलख पाने के लिए बाड़े की तरफ दौड़े चले आते थे। लेकिन एक सप्ताह पहले गर्मी के चलते अकबर बीमार पड़ गया। उसे पशु अस्पताल में लाया और इलाज शुरू किया गया। पर दवाओं का असर अकबर पर नहीं हुआ और देरशाम उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला है कि मौत हृदय गति रुकने से हुई है। इसके अलावा उसके श्वांस नली के ऊपरी हिस्से में मांस के टुकड़े फंसे थे।
तीन बचे
14 माहल पहले चौथी बार बाघिन तृषा ने चार शावकों को जन्म दिया। चौथी बार बाघिन के बच्चे होने पर डॉक्टर्स और अफसर खुश थे। इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी रमेश को दी गई। वहीं बाड़े के अंदर की गतिविधियों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे से लगातार नजर गई। डॉक्टर आरके सिंह ने बताया बाघिन के चारों शावक पूरी तरह से फिट थे। ं रायल बंगाल टाइगर प्रजाति के यह बाघ जू के लिए उपलब्धि है। जू में बाघिन तृषा 12 साल पहले जूनागढ़ से लाई गई थी। साल 2015 में मई में तृषा ने तीन शावक बादल, बादशाह और बरखा को जन्म दिया था। जिसमें एक शावक को रायपुर भेज दिया गया।
प्रशासन ने रखे थे नाम
जू प्रशासन ने चारों का नाम अमर, अकबर, एंथोनी और अंबिका रखा था। जानवरों की अदला-बदली के तहत एंथोनी और अंबिका का जोड़ा जोधपुर चिड़ियाघर को दे दिया गया था। यहां अमर और अकबर ही बचे थे। सूत्रों के मुताबिक अकबर को एक सप्ताह से दिक्कत थी। केयरटेकर भी कुछ नहीं समझ पाया। सोमवार शाम अकबर को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। जब तक इलाज शुरू होता कि मौत हो गई। रात में पशु चिकित्सकों के दल ने उसका पोस्टमार्टम किया। जू के निदेशक कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि शावक की मौत कार्डियो रेस्पाइरेट्री सिस्टम फेल होने के कारण हुई थी।