27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

नियमित होंगी सभी श्रमिक कॉलोनियां

उत्‍तर प्रदेश की सभी श्रमिक कॉलोनियों को अब नियमित करने की कवायद तेज कर दी गई है. श्रमायुक्‍त ने इसके लिए शासन के पास प्रस्‍ताव भेज दिया है. जल्‍द ही इसपर फैसला आने की उम्‍मींद जताई जा रही है. नए प्रस्‍ताव में पात्र और अपात्र कॉलोनियों के लिए नियम-कायदे तय किए गए हैं.
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कानपुर

•

image

Alok Pandey

•

Updated: 19 Oct 2018, 12:04 PM IST

Kanpur

नियमित होंगी सभी श्रमिक कॉलोनियां

कानपुर। उत्‍तर प्रदेश की सभी श्रमिक कॉलोनियों को अब नियमित करने की कवायद तेज कर दी गई है. श्रमायुक्‍त ने इसके लिए शासन के पास प्रस्‍ताव भेज दिया है. जल्‍द ही इसपर फैसला आने की उम्‍मींद जताई जा रही है. नए प्रस्‍ताव में पात्र और अपात्र कॉलोनियों के लिए नियम-कायदे तय किए गए हैं. बस नियमित करने का फॉर्मूला शासन को तय करना है. इस बात की जानकारी श्रमायुक्‍त अनिल कुमार ने दी.

ये होंगी शर्तें
उन्‍होंने बताया कि कॉलोनियों को लेकर कई तरह की शर्तें रखी गई हैं. पात्र कब्‍जेदार किराए पर और नियमित शुल्‍क लेकर एक तरह से मालिकाना हक पा सकेंगे लेकिन अपात्रों की कई श्रेणियां बनाईं गईं हैं. उन्‍हें बाजार सर्किल रेट पर ही शुल्‍क देना होगा, लेकिन इसका खुलासा किया जाना संभव नहीं है. साथ ही किसी के साथ भेदभाव न हो, इसको ध्‍यान में रखकर ही कार्ययोजना को बनाया गया है.

ऐसे अपात्र होंगे बाहर
कार्ययोजना में ऐसा प्रस्‍ताव किया गया है कि जिन्‍होंने अवैध निर्माण कर लिया है या बिना श्रम विभाग की अनुमति के श्रमिक कॉलोनी या क्‍वार्टर खरीदा है, उन्‍हें अपात्रों की श्रेणी से पूरी तरह से हटा दिया जाए. उनसे श्रमिक कॉलोनी को खाली करने का भी प्रस्‍ताव है. अपात्रों को नियमतिकरण का लाभ लेने के लिए सर्किल रेट का ढाई गुना तक शुल्‍क देना पड़ सकता है.

ये फॉर्मूला बना था आठ साल पहले
मूल आवंटियों को सर्किल रेट पर एकमुश्‍त दकम देने पर या 50 फीसदी छूट देने का प्रावधान है. इतना ही नहीं मूल आवंटी को किस्‍तों में भुगतान करने की सुविधा संभव होगी. इसके अलावा मूल आवंटी के रिटायर होने पर या उसके न रहने पर उसके आश्रित, बेटे या बेटी पर भी फॉर्मूला लागू होगा.

अवैध कब्‍जेदारों के प्रस्‍तावित था प्‍लान
कॉलोनी का इस्‍तेमाल निवास के लिए करने की श्रेणी बनेगी. ऐसे लोगों को तय सर्किल रेट का डेढ़ गुना भुगतान करने पर ही स्‍वामित्‍व मिलेगा. वहीं मकान का इस्‍तेमाल निवास और व्‍यवसायिक करने की दूसरी श्रेणी भी बनेगी. इन्‍हें दोगुना भुगतान पर ही स्‍वामित्‍व मिल सकेगा. इसके अलावा मकान का सिर्फ व्‍यवसायिक इस्‍तेमाल करने की तीसरी श्रेणी बनेगी. इन्‍हें ढाई गुना भुगतान पर स्‍वामित्‍व मिलेगा.