
पांच मुख वाले इस शिवलिंग का है अदभुत चमत्कार, संतान प्राप्ति के लिए आते हैं लोग
कानपुर देहात-शिवली कस्बे का यह प्राचीन अदभुत पंचमुखी महादेव मंदिर भक्तों की आस्था व आराधना के केंद्र बना हुआ हैं। जहां भक्तों की मान्यता है कि संतान न होने पर एक हवलदार को भगवान शिव ने स्वप्न दिया था। इसके बाद हवलदार ने स्वप्न के अनुसार अंग्रेज जमाने की बनी कोतवाली के बाहर जमीन की खुदाई करवाकर शिवलिंग की स्थापना कराई थी, जिसके बाद उनके घर मे किलकारियां गूंज उठी थी। तब से इस मंदिर में लोगों की आस्था बढ़ गयी और संतान की चाह में लोग मंदिर में मत्था टेकने आने लगे मंदिर में सावन के महीने में पूरे माह भजन कीर्तन चलता है। प्रत्येक सोमवार को दूर दराज से आकर श्रद्धालु पूजन व जलाभिषेक करते हैं। शिवरात्रि व सावन के अंतिम सोमवार को यहां भव्य श्रंगार के साथ ही रुद्राभिषेक का आयोजन होता है।
सपने में भगवान शिव ने कही ये बात
शिवली कस्बे में बस्ती के बीच बनी वह कोतवाली, जहां अंग्रेजों ने इस कोतवाली को बनवाकर यहां लोगों पर हुकूमत जमाई। देश आजाद होने के बाद उस समय यहां सूनसान इलाका हुआ करता था, जहां तैनात हवलदार शंकर प्रसाद दुबे के कोई संतान नहीं थी। लोगों के अनुसार ईश्वर में आस्था रखने वाले उस हवलदार को सपने में कोतवाली के बाहर खाली पड़े मैदान में जमीन के नीचे शिवलिंग होने की बात कही। बताया गया संतानहीन होने की पीड़ा को लेकर एक अज्ञात साधु ने इस शिवलिंग के पूजन से उसके घर संतान होने की बात भी कही थी। सुबह सोकर उठे हवलदार ने स्वप्न में दिखी जगह पर झाड़ियों को हटवाकर खुदाई कराई तो वहां भगवान शिव के 5 मुख वाला शिवलिंग प्राप्त हुआ, तत्काल उसने चबूतरे का निर्माण करा पूजन शुरू किया। जिसके बाद उसे पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई तो उसने इस स्थल पर भव्य मंदिर का निर्माण कराया था। वर्तमान में तीन वर्ष पूर्व कस्बा के लोगों ने जर्जर हो रहे इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। अब यही लोग मंदिर की देखरेख करते हैं।
पुजारी बोले जलाभिषेक से संकट होते दूर
मंदिर के पुजारी स्वामी रामनाथ द्विवेदी ने बताया कि शिवली कस्बे के इस अति प्राचीन पंचमुखी महादेव मंदिर में पूजन व जलाभिषेक से भक्तों के संकट दूर होते हैं। पांच मुख वाले इस मंदिर में सावन के अंतिम सोमवार को यहां होने वाले पूजन व रुद्राभिषेक में शामिल होने वाले भक्तों के सभी कष्ट नष्ट हो जाते हैं। रुद्राभिषेक व विशेष पूजन में भाग लेकर भक्त मनौतियां मानते हैं, मनौती पूरी होने पर मान्यता के अनुसार पूजन कर घंटे आदि चढ़ाते हैं।
Updated on:
18 Aug 2018 07:44 pm
Published on:
18 Aug 2018 11:57 am
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