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तो क्या अनवरगंज देश का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन बनेगा

सांसद मुरली मनोहर जोशी को कानपुर के कारोबारियों और भाजपा विधायकों ने इसके बारे में जानकारी दी थी। डॉक्टर जोशी ने पूरे मामले को रेलमंत्री के पास रखा था, जिसमें रेलमंत्री ने एक टीम भेजकर सर्वे की बात कही है।

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Ashish Kumar Pandey

Mar 30, 2016

anverganj

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कानपुर.
वैसे तो देश का सबसा बड़ा रेलवे स्टेशन हावड़ा है, लेकिन रेलवे विभाग और प्रभु की क्रपा हुई तो भारत का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन अनवरगंज होगा। पिछले दिनों आए कानपुर के सांसद मुरली मनोहर जोशी को कानपुर के कारोबारियों और भाजपा विधायकों ने इसके बारे में जानकारी दी थी। डॉक्टर जोशी ने पूरे मामले को रेलमंत्री के पास रखा था, जिसमें रेलमंत्री ने एक टीम भेजकर सर्वे की बात कही है। अगर भाजपाइयों की मानें तो अप्रेल में खुद रेल मंत्री कानपुर आकर अनवरगंज का दौरा कर सकते है।


गोविंदपुरी स्टेशन के पास जूही केला साइड और अनवरगंज रेलवे स्टेशन आमने सामने हैं। इसके बीच में डायमंड क्रासिंग समेत 25 से अधिक रेलवे लाइन बिछी हैं। इन लाइनों के बीच प्लेटफार्म बनाने की जगह है। ऐसे में अनवरगंज स्टेशन और जूही केला साइड को मिला दिया जाये तो अनवरगंज देश का सबसे बड़ा स्टेशन बन सकता है। इसका सबसे बड़ा लाभ फर्रुखाबाद रेलमार्ग को मिलेगा। मंधना से ट्रैक को पनकी होते हुए अनवरगंज से जोड़ा जा सकता है और मंधना से अनवरगंज तक रेलवे लाइन हटाकर शहर को यातायात जाम की बड़ी समस्या से राहत दी जा सकती है।


अब तो कोई बाधा भी नहीं

गोविंदपुरी स्टेशन के पास जूही केला साइड उत्तर मध्य जोन इलाहाबाद में आता है, जबकि अनवरगंज स्टेशन पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के अधीन था, लेकिन अब अनवरगंज स्टेशन भी उत्तर मध्य जोन में आ गया है। ऐसे में दो जोन का मामला भी अब समाप्त हो गया है। एक दशक पूर्व का प्रस्ताव गोविंदपुरी स्टेशन को खिसका करके जूही केला साइड लाने का प्रस्ताव एक दशक पूर्व रेल मंत्रालय को रेलवे के अफसरों द्वारा भेजा गया था लेकिन तब इस प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। देश की सबसे खतरनाक जूही यार्ड की डायमंड क्रासिंग का झंझट भी खत्म हो जायेगा क्योंकि इस क्रासिंग पर ही स्टेशन बन सकता है। डायमंड क्रासिंग से ट्रेनों की लेटलतीफी बचाने के लिये रेलवे को तीसरी और चौथी लाइन पनकी तक बिछानी पड़ी है। डायमंड क्रासिंग खाली होने के इंतजार में घंटों ट्रेनें आउटर पर खड़ी रहती हैं।


क्या मिल सकते फायदे

अनवरगंज स्टेशन और जूही केला साइड का एकीकरण दक्षिण क्षेत्र के 15 लाख लोगों के लिये वरदान होगा। गोविंदपुरी स्टेशन पर ट्रेनों को रैक खड़े रखने की सुविधा मिलेगी। यहां ट्रेनों के 26 कोच वाले पचीस प्लेटफार्म बनाये जा सकते हैं। यात्री प्रतीक्षालय, मेमू खड़ी करने की व्यवस्था हो सकती है। गोविंदपुरी के आसपास दस से अधिक अतिरिक्त लाइनें बिछ सकती हैं। अनवरगंज से जूही तक फुटओवर ब्रिज के माध्यम से हावड़ा स्टेशन जैसा लुक दिया जा सकता है।