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अनवरगंज से मंधना तक रेलवे लाइन हटाने की फिर उठी मांग

व्यापारी महासम्मेलन में उठाई गई आवाज, शहर को जाम से मुक्ति दिलाने की मांग

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अनवरगंज से मंधना तक रेलवे लाइन हटाने की फिर उठी मांग

कानपुर। एक बार फिर शहर के अंदर से गुजरी अनवरगंज से मंधना तक की रेलवे लाइन को हटाने की मांग ने जोर पकड़ा है। इस बार व्यापारियों ने एकजुट होकर यह आवाज उठाई है। व्यापारियों की मांग है कि रेलवे लाइन हटाकर एलीवेटेड टै्रक बनाया जाए। इसके अलावा अन्य कई मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

व्यापारियों ने मांगी सुविधाएं
लाजपत भवन में आयोजित किया गया अखिल भारतीय वैश्य महापरिषद का व्यापारी महासम्मेलन बड़े पैमाने पर आयोजित किया गया था। यहां व्यापारियों ने सुविधाएं बढ़ाने की बात उठाई, क्योंकि व्यापारी जितना राजस्व शासन-प्रशासन को देते हैं, उसके मुकाबले सुविधाएं बेहद कम हैं। व्यापारियों की सहूलियत पर ध्यान कम दिया जाता है।

जाम सबसे बड़ी समस्या
जीटी रोड पर जगह-जगह रेलवे क्रॉसिंगों की वजह से लगने वाला जाम महासम्मेलन में चर्चा के शिखर पर था। सभी व्यापारियों ने जाम से निजात दिलाने की बात उठाई। व्यापारियों का कहना था कि अगर अनवरगंज से मंधना के बीच का रेलवे टै्रक हटाकर यहां एलीवेटेड टै्रक बना दिया जाए तो जाम की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी। जिससे व्यापारियों समेत आम शहरवासियों को भी काफी राहत मिलेगी।

टैक्स का १० फीसदी जाए पीएफ में
व्यापारियों ने विश्व बैंक की एक बैठक का हवाला देते हुए कहा कि टैक्स देने वाले व्यापारियों के टैक्स का १० फीसदी उसे पीपीएफ एकाउंट में जमा किया जाए। जिससे व्यापारी को भविष्य में किसी संकट से निपटने में आसानी रहे। इसके अलावा सरकार ऐसे उद्यमियों की मदद करे, जो उद्योग और रोजगार बढ़ाने में योगदान देते हैं।

छोटे उद्योगों को मिले बढ़ावा
व्यापारियों का कहना था कि सरकार किसानों की बात करती है, गरीबों की बात करती है, बेरोजगारों की बात करती है और यहां तक कि महिलाओं पर विशेष ध्यान देती है पर व्यापारी आज भी उपेक्षित हैं। खासतौर पर छोटे उद्यमी। जबकि छोटे-छोटे उद्यमों को अगर सरकारी सहयोग मिले तो बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन किया जा सकता है।