
कानपुर। आसाराम बाबू के देशभर में आज भी सैकड़ों भक्त हैं, जो उनके लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। तंत्र-मंत्र करने के बहाने नाबालिग से बलात्कार के आरोप में जिरह पूरी होने के बाद 25 अप्रैल को जज आरोपी आसाराम के भग्य का फैसला करेंगे। इसी के चलते मैनावती मार्ग स्थित आसाराम के आश्रृम में भक्तों ने मंगलवार को पूजा-पाठ की और उनकी रिहाई की मन्नत मांगी। आश्रृम के अंदर मीडिया के आने पर रोक लगी थी। गेट पर तैनात कर्मियों से बात की गई तो वह कुछ बोलने को तैयार नहीं। इसी दौरान नेहरूनगर के रहने वाले भक्त राजन अपनी पत्नी के साथ आश्रृम के अंदर जा रहे थे। उन्हें रोककर आसाराम के बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि गुरूजी निर्दोष हैं। उन्हें साजिश के तौर राजनेताओं ने फंसाया हैं। हमें पूरा विश्वास है कि गुरूजी को कोर्ट बाइज्जत बरी करने का निर्णय सुनाएगा।
किस मामले में आना है फैसला
अगस्त 2013 से जोधपुर राजस्थान स्थित जेल के अंदर बंद आसाराम पर एक नाबालिक ने आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें पीड़िता ने पुलिस को बताया था के आसाराम दसे तंत्र-मंत्र के बहाने आश्रृम बुलाया और रेप कर डाला। पांच साल तक चले केस में दोनों पक्षों के वकीलों की जिरह के बाद जज ने फैसले की तारीख 25 अपैल मुकर्रर कर दी। दिया। जोधपुर की विशेष अदालत के फैसले से तय होगा कि आसाराम को अभी कितने और दिन तक जेल में काटना पड़ेगा। या फिर पुख्ता सबूतों के अभाव में उन्हें बेल दिए जाने का रास्ता साफ होगा। लेकिन किशोरी रेप में यदि आसाराम को दोषी पाया जाता है तो 10 तक की सजा हो सकती है। इसी के चलते देशभर में आसाराम के प्रसंसक पूजा-पाठ कर भगवान के दर पर जाकर उनकी रिहाई के लिए मन्नत मांग रहे हैं।
मैनावती मार्ग में बना है आसाराम का आश्रृम
आसाराम ने 20 साल पहले कानपुर के मैनावती मार्ग स्थित एक भव्य आश्रृम का निर्माण करवाया था। वह यहां अक्स्र आया करते थे और अपने भक्तों को प्रवचन सुनाते थे। आसाराम के कानपुर में करीब पांच लाख से ज्यादा अनुयायी हैं, जो उन्हें आज भी अपना भगवान और गुरू मानते हैं। 2013 में जेल जाने के बाद आश्रृम में उसके रखे गए कर्मचारी आज भी पिछले पांच साल से यहां आने वाले भक्तों का सेवा करते हैं। लोगों की मानें तो सुबह और शाम के वक्त आश्रृम में पूजा-पाठ का आयोजन होता है। दर्जनों भक्त पूजा-पाठ में हिस्सा लेते हैं और आसाराम के गुणगान करते हैं। मंगलवार की शाम जब पत्रिका टीम आसाराम के आश्रृम पहुंची तो गेट के अंदर कई गार्ड बैठे थे और मीडिया को आने की अनुमति नहीं दी। पर कुछ भक्त गेट के बाहर मिले, जो आसाराम बापू की रिहाई के लिए वृत और यज्ञ करते आ रहे हैं।
कांग्रेस के चलते बापू जेल के अंदर
आजाद नगर से आई महिला भक्त अंजनी श्रीवास्तव ने बताया कि बापू को कांग्रेस ने राजनीति द्धेष भावना के चलते जेल भिजवाया है और हमें उम्मीद है कि 25 अप्रैल को कोर्ट के निर्णय के बाद कांग्रेस की गढ़ी कहानी से परदा उठ जाएगा। वहीं एक अन्य भक्त राजीव कहते हैं कि गिरफ्तारी से लेकर अब तक आसाराम बापू के खिलाफ एक भी आरोप साबित नहीं हुआ, देश के लाखों लोगों की परवाह करने वाले व्यक्ति को सम्मान की जरूरत है। ’ मैं पीएम नरेंद्र मोदीजी से बापूजी की जमानत का अनुरोध करता हूं। हमारे संतों के साथ पूर्ण अन्याय हमारे संविधान का सबसे कमजोर पक्ष दिखाता है। भक्त अवधेश ने कहा कि ’निर्दोष आसाराम बापू जी की गिरफ्तारी और कुछ नहीं बल्कि सोची समझी साजिश है। संत आसाराम बापूजी पूरी तरह निर्दोष है तभी तो इतना भारी समर्थन बापूजीके लिए आवाज उठा रहा है। ’भक्त अवधेश कहते हैं कि कांग्रेसियों ने सनातन धर्म को खत्म करने के लिए साजिश रची और कई संतों को जेल भिजवाया। कोर्ट से जरूर इंसाफ मिलेगा।
इन आरोपों का रहे हैं सामना
25 अप्रैल का जिस मामले पर फैसला आना है वह है जोधपुर पास मनाई गांव स्थित आश्रम में 16 साल की लड़की से बलात्कार का मामला। आरोप है पीड़िता छिंदवाड़ा के गुरुकुल में पढ़ती थी। छिदवाड़ा में पीड़िता जब बीमार पड़ी तो कहा गया कि उसके शरीर पर बुरी आत्माओं का साया है। इन्हीं बुरी आत्माओं को दूर कराने के लिए उसके पिता आसाराम के पास जोधपुर आश्रम लाए। आरोप है कि आसाराम ने बच्ची का इलाज करने के बहाने उसका बलात्कार किया। गुजरात के सूरत की दो सगी बहनों ने भी आसाराम पर बलात्कार का आरोप लगाया था। 2008 में आसाराम के साबरमती स्थित मोटेरा आश्रम में कथित तौर पर दो बच्चों (10 और 11 साल के उम्र के) के कंकाल मिले थे। इस केस में माना जा रहा था कि तंत्र साधना के दौरान दोनों बच्चों की बलि दी गई थी। जब से आसाराम जेल में बंद है तब उनके खिलाफ गवाही देने वाले 9 गवाहों में पर हमले हो चुके हैं। इनमें से तीन गवाहों की जान जा चुकी है।
Published on:
25 Apr 2018 09:35 am
बड़ी खबरें
View Allकानपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
