
लोकसभा चुनाव 2024 (Lok sabha election 2024) समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन धर्म-जाति के आधार पर चुनाव लड़ रही है। 'पीडीए' का मतलब पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक को अपने साथ ले लो और बाकी को छोड़ दो। केवल अपना उल्लू सीधा करना चाहते हैं। योगी सरकार में मंत्री असीम अरुण ने कानपुर में यह बयान दिया है। जो भाजपा प्रत्याशी रमेश अवस्थी के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पहुंचे थे। पत्रकारों से बातचीत करते हुए असीम अरुण ने कहा कि अखिलेश यादव कानपुर देहात में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के प्रतीक के रूप में एक बच्चे के साथ खड़े थे। इसकी शिकायत की गई है। चुनाव प्रचार में बच्चों के इस्तेमाल पर रोक हैं।
असीम अरुण ने कहा कि धर्म के आधार पर जो लोग वोट मांग रहे हैं। वोट को जिहाद के रूप में प्रयोग करना चाहते हैं। यह असंवैधानिक है। यह सफल नहीं होंगे। अखिलेश यादव ने चुनाव प्रचार में बच्चे को लाकर आचार संहिता का उल्लंघन किया है। इसकी शिकायत उन्होंने की है। उस बच्चे को पत्र भी भेजा है। जिसे चुनाव प्रचार प्रसार में लाया गया था। अपने पत्र में उन्होंने लिखा है कि अखिलेश यादव ने बाबा साहब को अपमानित करने का काम किया है। कन्नौज मेडिकल कॉलेज, भीम नगर, काशीराम नगर, ज्योतिबा फुले नगर से महापुरुषों का नाम हटाया गया।
गृहमंत्री अमित शाह पर उन्होंने कहा कि ऐसा वीडियो बनाया गया है। जिससे लगे कि भाजपा आरक्षण खत्म करना चाहती है। हम आरक्षण को और मजबूत करेंगे। दक्षिण के राज्यों में आरक्षण में से मुसलमानों को जो आरक्षण दिया गया है। उसे ठीक करेंगे। इसके साथ उन्होंने लोगों से अपील की कि इंटरनेट के जमाने में फैक्ट चेक करके ही वीडियो शेयर करें। फर्जी पाए जाने पर चुनाव आयोग और पुलिस को जानकारी दें।
अमेठी और रायबरेली के प्रत्याशी के सवाल पर असीम अरुण ने कहा कि यहां भी कन्नौज वाली स्थिति है। राष्ट्रीय अध्यक्ष होते हुए भी अखिलेश यादव चुनाव लड़ने का निर्णय नहीं ले पा रहे थे। यही स्थिति राहुल गांधी और प्रियंका के साथ है। जो अपने टिकट का निर्णय नहीं ले पा रहे हैं। वह देश के लिए कोई निर्णय कैसे ले सकते हैं?
Updated on:
29 Oct 2024 03:47 pm
Published on:
01 May 2024 08:56 am

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