29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विधानसभा चुनाव 2022: मैं जिंदा हूँ साहब, मुझे नामांकन कराना है, मैं चुनाव लडूंगा

जिंदा आदमी गले में तख्ती लगाकर घूम रहा है कि वह जिंदा है। लेकिन शासन प्रशासन मानने को तैयार नहीं है। विधानसभा चुनाव 2022 में नामांकन कराने पहुंचे शख्स का नामांकन इसलिए नहीं हुआ क्योंकि वह कागजों में मृतक घोषित कर दिया गया है। रिटर्निंग ऑफिसर ने कहा जहां मरे हो वहीं जाकर जिंदा हो।

2 min read
Google source verification
विधानसभा चुनाव 2022: मैं जिंदा हूँ साहब, मुझे नामांकन कराना है, मैं चुनाव लडूंगा

Pattrika

कागजों पर 20 वर्ष पूर्व मृत घोषित किए गए वाराणसी के संतोष मूरत सिंह जब रिटर्निंग ऑफिसर के सामने नामांकन कराने के लिए पहुंचे। दस्तावेजों को देखकर रिटर्निंग ऑफिसर चौक गए। बोले जहां पर मरे हो वही जाकर नामांकन कराओ। इस संबंध में संतोष मूरत सिंह ने बताया कि यह लोकतंत्र है या फिर खटियन षड्यंत्र है। विपक्षी लोग दबाव बना रहे हैं। इसलिए उनका नामांकन नहीं हो रहा है। 20 वर्षों से कागजों पर मरा हुआ हूं। संतोष मूरत सिंह कानपुर की महाराजपुर विधानसभा से नामांकन कराना चाहते थे। लेकिन उन्हें नामांकन करने नहीं दिया गया। बोले सत्ता में बैठे लोग मुर्दों से डरते हैं। इसलिए पुलिस को आगे कर रही है। गले लगा कर घूम रहे संतोष मूरत सिंह इस समय चर्चा का विषय बने हैं।

संतोष के अनुसार रिटर्निंग ऑफसर ने कहा कि जहां मरे हो, वहां जाकर नामांकन कराओ। वहीं से जिंदा हो जाओगे। गांव में उन्हें मृतक दिखाकर उनकी सारी जमीन हड़प ली गई है। दिल्ली के जंतर मंतर पर भी धरना दे चुका हूं। मुझसे जो बन पड़ा मैंने अपने आप को जिंदा करने के लिए किया लेकिन उनका प्रयास विफल गया। जनसंघ पार्टी से पहली बार टिकट मिला था।

यह भी पढ़ें

आधार कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर, अपनी मनपसंद फोटो लगाएं, जाने पूरा नियम

संतोष ने बताया कि उनके साथ अन्याय हो रहा है। उनके विषय में गूगल पर सर्च करके भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। लेकिन शासन प्रशासन इस विषय में कुछ भी नहीं सुनने को तैयार है विपक्षी लोगों के दबाव में उनको जिंदा नहीं होने दिया जा रहा है। संतोष मूरत सिंह गले में तख्ती लगाए घूम रहा है। जिसमें लिखा है मैं जिंदा हूं। विधानसभा चुनाव 2022 के लिए संतोष मूरत सिंह नामांकन कराने के लिए कानपुर के महाराजपुर सीट से नामांकन कराने के लिए आया था। लेकिन उसका नामांकन नहीं हो पाया।

Story Loader