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कागजों पर 20 वर्ष पूर्व मृत घोषित किए गए वाराणसी के संतोष मूरत सिंह जब रिटर्निंग ऑफिसर के सामने नामांकन कराने के लिए पहुंचे। दस्तावेजों को देखकर रिटर्निंग ऑफिसर चौक गए। बोले जहां पर मरे हो वही जाकर नामांकन कराओ। इस संबंध में संतोष मूरत सिंह ने बताया कि यह लोकतंत्र है या फिर खटियन षड्यंत्र है। विपक्षी लोग दबाव बना रहे हैं। इसलिए उनका नामांकन नहीं हो रहा है। 20 वर्षों से कागजों पर मरा हुआ हूं। संतोष मूरत सिंह कानपुर की महाराजपुर विधानसभा से नामांकन कराना चाहते थे। लेकिन उन्हें नामांकन करने नहीं दिया गया। बोले सत्ता में बैठे लोग मुर्दों से डरते हैं। इसलिए पुलिस को आगे कर रही है। गले लगा कर घूम रहे संतोष मूरत सिंह इस समय चर्चा का विषय बने हैं।
संतोष के अनुसार रिटर्निंग ऑफसर ने कहा कि जहां मरे हो, वहां जाकर नामांकन कराओ। वहीं से जिंदा हो जाओगे। गांव में उन्हें मृतक दिखाकर उनकी सारी जमीन हड़प ली गई है। दिल्ली के जंतर मंतर पर भी धरना दे चुका हूं। मुझसे जो बन पड़ा मैंने अपने आप को जिंदा करने के लिए किया लेकिन उनका प्रयास विफल गया। जनसंघ पार्टी से पहली बार टिकट मिला था।
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संतोष ने बताया कि उनके साथ अन्याय हो रहा है। उनके विषय में गूगल पर सर्च करके भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। लेकिन शासन प्रशासन इस विषय में कुछ भी नहीं सुनने को तैयार है विपक्षी लोगों के दबाव में उनको जिंदा नहीं होने दिया जा रहा है। संतोष मूरत सिंह गले में तख्ती लगाए घूम रहा है। जिसमें लिखा है मैं जिंदा हूं। विधानसभा चुनाव 2022 के लिए संतोष मूरत सिंह नामांकन कराने के लिए कानपुर के महाराजपुर सीट से नामांकन कराने के लिए आया था। लेकिन उसका नामांकन नहीं हो पाया।
Updated on:
03 Feb 2022 07:21 pm
Published on:
03 Feb 2022 07:14 pm

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