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अटल बिहारी वाजपेई की हालत गंभीर, एम्स में भर्ती, कानपुर में यज्ञ शुरू

अटल बिहारी को एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया की निगरानी में रखा गया है।

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अटल बिहारी वाजपेई की हालत गंभीर, एम्स में भर्ती, कानपुर में यज्ञ शुरू

कानपुर .बुरी खबर है। करोड़ों लोगों के चहेते और कानपुर की धडकऩ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत बेहद गंभीर है। उन्हें नई दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया है। चर्चा है कि डाक्टर्स ने उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा है। कानपुर के डीएवी कालेज में पढ़े-लिखे अटल बिहारी वाजपेई के बारे में इस खबर ने कनपुरियों को बेचैन कर दिया है। प्रशंसकों ने अटल जी की सलामती के लिए यज्ञ करना शुरू कर दिया है।


93 बरस के हो चुके हैं अटल बिहारी

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को सोमवार को दोपहर के वक्त नई दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया है। भाजपा का कहना है कि 93 साल के वाजपेयी को नियमित जांच के लिए एम्स लाया गया है, जबकि एम्स के सूत्रों ने बताया कि हालत गंभीर है। बताया गया है कि वाजपेयी लंबे समय से बीमार चल रहे हैं और बीती रात उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई है। सांस लेने में तकलीफ के चलते उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया है। ध्यान रहे कि अटल बिहारी वाजपेयी काफी समय से अस्वस्थ्य हैं, वे अपने आवास पर ही डॉक्टरों की निगरानी में हैं। सोमवार को डॉक्टरों ने स्थिति को गंभीर देखकर एम्स में भर्ती कराया गया है। अटल बिहारी को एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया की निगरानी में रखा गया है।

कानपुर में प्रशंसकों ने शुरू किया यज्ञ

अटल बिहारी की सलामती के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रशंसकों ने अपने-अपने तरीके से दुआ मांगना शुरू कर दिया है। लालबंगला के शिवकटरा हनुमान मंदिर में राघवेंद्र दीक्षित ने अपने साथियों के साथ यज्ञ शुरू किया तो दर्जनों लोगों ने आनंदेश्वर धाम में अटल जी के दीर्घायु होने की मनौती मांगी है। अटल बिहारी का कानपुर से बेहद करीबी रिश्ता रहा है। 25 दिसंबर 2017 को अटल बिहारी के 93 जन्मदिवस पर कानपुर में कई स्थानों पर आयोजन किये गए थे।

डीएवी में पढ़ाई के दिनों में लोकप्रिय हो गए थे अटल

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को सुनने के लिए कॉलेज के दिनों में लडक़े और लड़कियां दीवाने थे। ये उन दिनों की बात है जब जाने-माने कवि, राजनीतिज्ञ, दार्शनिक अटल जी कानपुर के डीएवी कॉलेज में अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर रहे थे। कॉलेज के दिनों का एक रोचक किस्सा सुनाते हुए उनके दोस्तों ने एक चौंकाने वाली बात भी बताई है। पूर्व प्रधानमंत्री के दोस्तों का कहना है कि उनकी कविताओं और आवाज के लोग दीवाने थे। पार्क खड़े होकर जब अटल जी अपनी कवितायें सुनाने लगते थे तो मेला लग जाता था। वाजपेयी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना करने वालों में से एक है और 1968 से 1973 तक वह उसके अध्यक्ष भी रहे थे। राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ वाजपेयी एक अच्छे कवि और संपादक भी थे। वाजपेयी ने लंबे समय तक राष्ट्रधर्म, पांचजन्य और वीर-अर्जुन आदि पत्र-पत्रिकाओं का सम्पादन किया। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक ब्राह्मण परिवार में 25 दिसंबर, 1924 को इनका जन्म हुआ। पुत्रप्राप्ति से हर्षित पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी को तब शायद ही अनुमान रहा होगा कि आगे चलकर उनका यह नन्हा बालक सारे देश और सारी दुनिया में नाम रौशन करेगा।