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छात्र की हत्या करने वाली ट्यूशन टीचर, ब्वॉयफ्रेंड समेत 3 को उम्रकैद, प्रेमी के साथ मिलकर मार डाला था

Kanpur Kushagra Murder Case : बहुचर्चित कुशाग्र कनोडिया हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। हत्या में शामिल ट्यूशन टीचर समेत तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

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ट्यूशन टीचर ने ब्वॉयफ्रेंड के साथ मिलकर कर दी थी छात्र की हत्या, PC- Patrika

कानपुर : बहुचर्चित कुशाग्र कनोडिया हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, उसके प्रेमी प्रभात शुक्ला और दोस्त आर्यन उर्फ शिवा को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। मंगलवार को कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया था, जबकि सजा पर फैसला बुधवार को सुनाया गया।

फैसले के बाद कुशाग्र की मां सुनीता कनोडिया ने असंतोष जताते हुए कहा कि वह इस सजा से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा,
'जैसे उन लोगों ने मेरे बच्चे का गला दबाकर मारा, वैसे ही उनका भी गला दबना चाहिए। दोषियों को हत्या का कोई मलाल नहीं है, वे बहुत गंदे लोग हैं। तीनों को फांसी होनी चाहिए।'

वहीं, कुशाग्र के चाचा ने कहा, 'मेरा बच्चा चला गया। ढाई साल से कोर्ट के चक्कर काटते-काटते हमारे परिवार के आंसू सूख गए। जब तक हत्यारों को फांसी नहीं होगी, तब तक मेरे बेटे की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। हम फांसी की मांग को लेकर हाईकोर्ट जाएंगे।'

कोर्ट का फैसला और केस की जानकारी

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, उसके प्रेमी प्रभात शुक्ला और दोस्त आर्यन उर्फ शिवा ने फिरौती के लिए कुशाग्र का अपहरण किया और बाद में उसकी हत्या कर दी। हाईस्कूल के छात्र कुशाग्र की हत्या 30 अक्टूबर 2023 को की गई थी। मामले की अंतिम सुनवाई 13 जनवरी को हुई थी। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 14 गवाह पेश किए गए।

600 पेज की चार्जशीट, 240 पेज की जिरह

एडीजीसी भास्कर मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने मामले में 600 पेज की चार्जशीट दाखिल की थी। ट्रायल के दौरान 240 पेज की जिरह हुई। कोर्ट में 42 दस्तावेज प्रमाणित कराए गए, जबकि घटना से जुड़ी 112 वस्तुएं बरामद कर सबूत के तौर पर पेश की गईं।

कोर्ट में सीसीटीवी फुटेज भी दिखाए गए, जिनमें प्रभात और कुशाग्र को कमरे में जाते हुए देखा गया। 30 लाख रुपये की फिरौती का पत्र डालते समय प्रभात और आर्यन कैमरे में कैद हुए थे। घटना के वक्त आर्यन प्रभात के घर के बाहर टहलता नजर आया। धारा 313 के बयान में रचिता और प्रभात ने एक-दूसरे को अपना प्रेमी स्वीकार किया।

फिरौती के पैसों से ऐश करना चाहता था प्रभात

प्रभात शुक्ला ने अपने बयान में बताया कि उसकी रचिता से दोस्ती वर्ष 2017 में हुई थी। उसी दौरान उसकी पहचान कुशाग्र और उसके परिवार से हुई। वह रचिता के साथ दो-तीन बार कुशाग्र के घर भी गया था।

किडनैपिंग से करीब 15 दिन पहले रचिता उसे प्लान के तहत कुशाग्र के घर ले गई थी, जहां उसकी मुलाकात कुशाग्र की मां सोनिया कनोडिया से हुई। बातचीत के दौरान उसने कुशाग्र के कोचिंग आने-जाने की जानकारी हासिल कर ली।

प्रभात ने बताया कि कुशाग्र के परिवार की आर्थिक स्थिति देखकर उसे लगा कि अपहरण से बड़ी रकम मिल सकती है।
'मैं फिरौती के पैसों से स्विफ्ट डिजायर कार खरीदना और रचिता से शादी कर सही जीवन जीना चाहता था।'

22 अक्टूबर को बनी हत्या की साजिश

प्रभात ने बताया कि 22 अक्टूबर 2023 को गुमटी स्थित सेंट्रल पार्क में उसने रचिता और आर्यन के साथ अपहरण की योजना बनाई। 25 अक्टूबर को वह आर्यन के साथ स्कूटी से इलाके की रेकी करने गया और फिरौती का पत्र देने की पूरी योजना समझाई।

रस्सी से गला घोंटकर की हत्या

प्रभात ने कबूल किया कि कुशाग्र को बहला-फुसलाकर अपने साथ लाने के बाद वह उसे स्टोरनुमा कमरे में ले गया। रचिता ने उसका मोबाइल छीन लिया और बताया कि उसका अपहरण फिरौती के लिए किया गया है। जब कुशाग्र को सच्चाई का अहसास हुआ और वह चिल्लाने लगा, तो प्लान के फेल होने के डर से प्रभात ने नारियल की रस्सी से उसका गला कस दिया और मुंह में चादर ठूंस दी।

उसने बताया कि रस्सी वह एक हफ्ते पहले संत नगर चौराहे के पास स्थित हार्डवेयर की दुकान से खरीदकर लाया था। हत्या के बाद उसने शव को बांधा, वीडियो बनाया और फिरौती का पत्र फेंकने चला गया।

सीसीटीवी में कैद 43 मिनट का पूरा घटनाक्रम

आचार्य नगर निवासी कपड़ा कारोबारी मनीष कनोडिया का 16 वर्षीय बेटा कुशाग्र 30 अक्टूबर 2023 को शाम 4 बजे स्कूटी से स्वरूप नगर स्थित कोचिंग के लिए निकला था। रास्ते में प्रभात ने गाड़ी खराब होने का बहाना बनाकर उससे लिफ्ट मांगी और ओम नगर स्थित अपने घर ले गया।

हाते के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में प्रभात और कुशाग्र को अंदर जाते हुए देखा गया। बगल के कमरे में रचिता मौजूद थी, जबकि आर्यन बाहर खड़ा था। पूरा 43 मिनट का घटनाक्रम सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुआ, जो कोर्ट में अहम सबूत बना।